जैसलमेर सड़क हादसे में शहीद हुए इंदौर के मेजर हमजा आरिफ। एक महीने पहले हुई थी शादी, शनिवार को होगा अंतिम संस्कार।
राजस्थान के जैसलमेर में सेना की गाड़ी के ऊंट से टकराने से हुए भीषण सड़क हादसे में इंदौर के रहने वाले मेजर हमजा आरिफ का निधन हो गया। महज एक महीने पहले ही उनकी शादी हुई थी। गुरुवार देर रात हुए इस हादसे में दो अन्य लेफ्टिनेंट भी घायल हुए हैं। शनिवार को उनका पार्थिव शरीर इंदौर लाया जाएगा, जहां सैन्य सम्मान और बोहरा समाज के रीति-रिवाजों के अनुसार अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जैसलमेर में कैसे हुआ भीषण हादसा?
राजस्थान के जैसलमेर में गुरुवार देर रात करीब 12:30 बजे एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना घटी। जैसलमेर शहर से लगभग 18 किलोमीटर दूर आर्मी एरिया के भीतर सेना की टाटा सफारी अचानक एक ऊंट से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि गाड़ी अनियंत्रित होकर चार से पांच बार पलट गई। हादसे के वक्त वाहन को मेजर हमजा आरिफ खुद चला रहे थे। इस दुर्घटना में वे गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनके साथ मौजूद लेफ्टिनेंट आयुष्मान और लेफ्टिनेंट अभिनव राठौर भी घायल हो गए। तीनों सैन्य अधिकारियों को तत्काल आर्मी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मेजर हमजा आरिफ को मृत घोषित कर दिया। वहीं, दोनों घायल लेफ्टिनेंट का इलाज मिलिट्री अस्पताल में जारी है।
एक महीने पहले हुई थी शादी, दिसंबर में था रिसेप्शन
मेजर हमजा आरिफ मूल रूप से इंदौर के धनवंतरी नगर के निवासी थे। उनकी शादी महज एक महीने पहले ही उनकी इंजीनियर साथी से हुई थी। परिवार ने आगामी दिसंबर महीने में उनके घर आने पर एक भव्य रिसेप्शन की योजना बना रखी थी, लेकिन इस अप्रत्याशित हादसे ने सारी खुशियों को मातम में बदल दिया। इस हृदयविदारक घटना की खबर फैलते ही पूरे इंदौर शहर में शोक की लहर दौड़ गई है। शुक्रवार को क्षेत्रीय विधायक मधु वर्मा और पार्षद प्रशांत बडवे ने उनके निवास स्थान पहुंचकर शोककुल परिजनों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
2017 में सेना में शामिल हुए थे मेजर हमजा आरिफ
29 वर्षीय मेजर हमजा आरिफ ने अपनी मेहनत के दम पर मुकाम हासिल किया था। उन्होंने वर्ष 2016 में इंदौर के चमेली देवी कॉलेज से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वर्ष 2017 में भारतीय सेना में सेवा देने का लक्ष्य निर्धारित करते हुए उन्होंने परीक्षा पास की और सेना में अधिकारी बने। अपनी बेहतरीन काबिलियत और उत्कृष्ट सेवाओं के बल पर उन्होंने मात्र 9 वर्षों के भीतर तीन पदोन्नति हासिल करते हुए मेजर का पद प्राप्त किया था।
इंदौर में सैन्य सम्मान के साथ होगा अंतिम संस्कार
पार्षद और परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मेजर हमजा आरिफ का पार्थिव शरीर शनिवार को इंदौर पहुंचेगा। इसके बाद भारतीय सेना की परंपराओं और बोहरा समाज के धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इस दुखद घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सेना द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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