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जंतर-मंतर पर अब आरक्षण के खिलाफ उमड़ी भारी भीड़, UGC के नए नियमों और SC/ST एक्ट को लेकर प्रदर्शनकारियों का हल्ला बोल



जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार, UGC इक्विटी नियमों और SC/ST एक्ट को लेकर प्रदर्शन, हजारों लोगों के जुटने का दावा।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को गैर-आरक्षित वर्गों के प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में जुटे और जाति आधारित आरक्षण में सुधार की मांग उठाई। ‘रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन’ के तहत हुए प्रदर्शन में जनरल सेना, चाणक्य सेना और करणी सेना जैसे संगठनों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने UGC के इक्विटी नियमों का विरोध करने के साथ SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग पर भी आपत्ति जताई।

जंतर-मंतर पर आरक्षण सुधार को लेकर जुटे प्रदर्शनकारी

दिल्ली के जंतर-मंतर पर आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग को लेकर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में गैर-आरक्षित वर्गों से जुड़े लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग के साथ विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी UGC के इक्विटी नियमों को लेकर भी विरोध जताया।

यह प्रदर्शन ‘रिजर्वेशन रिफॉर्म आंदोलन’ के बैनर तले आयोजित किया गया। इसमें राजस्थान की ‘जनरल सेना’ और ‘चाणक्य सेना’ के अलावा ‘करणी सेना’ ने भी भागीदारी की। प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस की अनुमति के संबंध में पहले असमंजस की स्थिति बनी हुई थी, जिसके बीच प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे।

UGC के इक्विटी नियमों को लेकर जताई नाराजगी

प्रदर्शनकारियों ने UGC के नए इक्विटी नियमों को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि आरक्षण व्यवस्था में सुधार की जरूरत है। प्रदर्शन के दौरान जाति आधारित आरक्षण से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया और सरकार से व्यवस्था में बदलाव की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों की ओर से आरक्षण को लेकर सरकार से श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी रखी गई। उनका कहना है कि आरक्षण से मिलने वाले लाभ और व्यवस्था को लेकर सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

SC/ST एक्ट को लेकर भी प्रदर्शनकारियों ने उठाई मांग

प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने SC/ST एक्ट का विरोध किया और इसे वापस लेने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि किसी भी कानून का किसी व्यक्ति के खिलाफ दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

उन्होंने सरकार से कानूनों के कथित दुरुपयोग को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। इस दौरान यह मुद्दा भी प्रदर्शन में प्रमुखता से उठाया गया।

प्रदर्शन में हनुमान चालीसा का पाठ

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके अलावा धार्मिक नारे भी लगाए गए। प्रदर्शन स्थल पर आरक्षण व्यवस्था और उससे जुड़े कानूनों को लेकर प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें और आपत्तियां रखीं।

प्रदर्शनकारियों की ओर से दावा किया गया कि इस आयोजन में हजारों लोग शामिल हुए। हालांकि, उपलब्ध खबर में इस संख्या की स्वतंत्र पुष्टि का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।

कड़ी सुरक्षा के बीच हुआ प्रदर्शन

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और उसके आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। इलाके में बैरिकेडिंग की गई थी। दिल्ली पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और ITBP के जवानों को भी मौके पर तैनात किया गया।

प्रदर्शन को लेकर अनुमति की स्थिति पर भी चर्चा रही। बाद में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर जुटे और अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया।

सोशल मीडिया पर भी प्रदर्शन को लेकर चर्चा

प्रदर्शन के दौरान सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा देखने को मिली। कुछ सोशल मीडिया हैंडल्स की ओर से दावा किया गया कि बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने उस धारणा को गलत साबित किया है कि इस तरह के प्रदर्शनों में ज्यादा लोग शामिल नहीं होते।

‘रिजर्वेशन हटाओ आंदोलन’ के X हैंडल से किए गए एक पोस्ट में दावा किया गया कि आंदोलन को किसी राजनीतिक पार्टी या विदेशी एजेंसी से फंडिंग नहीं मिलती है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि जंतर-मंतर पर जुटी भीड़ को पैसे देकर नहीं बुलाया गया।

पोस्ट के अनुसार, आंदोलन का उद्देश्य व्यवस्था में निष्पक्षता लाना और देश के भविष्य को सुरक्षित करने की मांग उठाना है।

‘कोटा के अंदर कोटा’ और क्रीमी लेयर का मुद्दा भी उठा

प्रदर्शनकारियों ने आरक्षण व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों को लेकर अपनी मांगें रखीं। उनकी एक मांग थी कि सरकार मौजूदा आरक्षण व्यवस्था को लेकर श्वेत पत्र जारी करे।

इसके अलावा ‘कोटा के अंदर कोटा’ की मांग भी उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने सवाल किया कि यदि सरकार इस व्यवस्था को लागू करती है तो इसमें ‘क्रीमी लेयर’ को शामिल क्यों नहीं किया जाएगा।

प्रदर्शनकारियों की ओर से यह आरोप भी लगाया गया कि सरकार कुछ दलित नेताओं के दबाव में है, जो केवल अपने जाति समूह की बात करते हैं। यह बात प्रदर्शन के दौरान उठाई गई मांगों और आपत्तियों का हिस्सा रही।

आरक्षण व्यवस्था में बदलाव की मांग पर केंद्रित रहा प्रदर्शन

जंतर-मंतर पर हुआ यह प्रदर्शन मुख्य रूप से जाति आधारित आरक्षण व्यवस्था में सुधार, UGC के इक्विटी नियमों और SC/ST एक्ट के कथित दुरुपयोग से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहा। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा और उससे संबंधित मांगों पर कदम उठाने की अपील की।

प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के जुटने का दावा किया गया और सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर आवाज उठाई।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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