यूपी के हमीरपुर में सड़क मांगने कलेक्ट्रेट पहुंचे स्कूली बच्चों से ADM ने पूछा पहाड़ा। बदहाल सड़क और वायरल वीडियो का पूरा सच जानें।
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां कीचड़ भरी बदहाल सड़क से परेशान स्कूली बच्चे हाथों में तिरंगा लेकर 5 किलोमीटर पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। जब बच्चों ने अधिकारियों से पक्की सड़क की मांग की, तो एडीएम ने उनकी समस्या का समाधान करने के बजाय उनसे पहाड़ा और व्याकरण पूछना शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग प्रशासनिक रवैये पर सवाल उठा रहे हैं।
आजादी के बाद से नहीं बनी पक्की सड़क
हमीरपुर जिला मुख्यालय से महज 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चंदूपुर मार्ग की हालत बेहद खस्ता है। ग्रामीणों का कहना है कि देश को आजाद हुए दशकों बीत गए, लेकिन इस गांव तक आज तक पक्की सड़क नहीं बन पाई है। यह कच्चा रास्ता करीब एक दर्जन से अधिक गांवों और मजरों को जोड़ता है। बारिश के मौसम में यह सड़क पूरी तरह से दलदल और कीचड़ में तब्दील हो जाती है, जिससे कई जगहों पर जलभराव हो जाता है। इस कारण गांवों का संपर्क मुख्य मार्ग से पूरी तरह कट जाता है।
एंबुलेंस का पहुंचना भी मुश्किल, पढ़ाई हो रही प्रभावित
सड़क खराब होने का सबसे बड़ा खामियाजा स्कूली बच्चों और मरीजों को भुगतना पड़ता है। बारिश के दिनों में बच्चे कई-कई दिनों तक स्कूल नहीं जा पाते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा, गांव में किसी के बीमार पड़ने पर एंबुलेंस भी मौके पर नहीं पहुंच पाती। ऐसे में मरीजों को मुख्य सड़क तक ले जाने के लिए ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
हाथों में तिरंगा लेकर 5 किलोमीटर पैदल चले बच्चे
सालों से सड़क की मांग कर रहे ग्रामीणों और बच्चों के सब्र का बांध आखिरकार मंगलवार को टूट गया। जर्जर रास्ते से परेशान स्कूली बच्चे अपने अभिभावकों और ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतर आए। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) थामे इन बच्चों ने सड़क निर्माण की मांग को लेकर करीब 5 किलोमीटर तक पैदल मार्च किया और जिला कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया।
अधिकारियों के रवैये पर उठे सवाल, वीडियो हुआ वायरल
कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों का जो रवैया सामने आया, वह अब चर्चा का विषय बना हुआ है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एडीएम बच्चों की फरियाद सुनने के बजाय उनसे पहाड़ा और व्याकरण के सवाल पूछ रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया है कि उनकी गंभीर समस्या का मजाक उड़ाया गया। इतना ही नहीं, मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर भी आरोप है कि उन्होंने अभिभावकों को फटकार लगाई और उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया।
मामले पर प्रशासन ने दी यह सफाई
वीडियो वायरल होने और मामले के तूल पकड़ने के बाद एडीएम राकेश कुमार की ओर से सफाई पेश की गई है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए आरोप लगाया है कि इस प्रदर्शन में कुछ असामाजिक तत्व भी शामिल थे। वहीं, जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे प्रकरण की गहनता से जानकारी जुटाई जा रही है और ग्रामीणों की सड़क से जुड़ी समस्या पर भी विचार किया जाएगा। फिलहाल, बच्चों की जल्द से जल्द पक्की सड़क बनाने की मांग अब भी कायम है।
साभार: [मीडिया रिपोर्ट्स/सोशल मीडिया]


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