EPFO ने PF ट्रांसफर, UAN, क्लेम सेटलमेंट और UPI निकासी से जुड़े कई बदलाव किए हैं। जानें नौकरीपेशा लोगों पर असर।
एम्प्लॉइज प्रोविडेंट फंड ऑर्गनाइज़ेशन (EPFO) ने इस साल PF से जुड़ी कई सेवाओं में बदलाव किए हैं। इनमें PF ट्रांसफर को आसान बनाने, UAN से जुड़ी सेवाओं को UMANG ऐप पर शिफ्ट करने, क्लेम निपटारे में तेजी और भविष्य में UPI के जरिए PF निकासी जैसी सुविधाएं शामिल हैं। EPFO फाइनल PF विड्रॉल को भी ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम में लाने पर विचार कर रहा है।
EPFO में इस साल हुए अहम बदलाव
EPFO ने अपने सदस्यों के लिए PF से जुड़ी सेवाओं को ज्यादा डिजिटल और आसान बनाने की दिशा में कई कदम उठाए हैं। इन बदलावों का सीधा संबंध नौकरीपेशा लोगों के PF बैलेंस, अकाउंट ट्रांसफर, UAN और क्लेम सेटलमेंट जैसी सेवाओं से है।
इनमें कुछ सुविधाएं पहले ही लागू हो चुकी हैं, जबकि कुछ को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। EPFO की ओर से किए जा रहे इन बदलावों का उद्देश्य सदस्यों के लिए ऑनलाइन सेवाओं को सरल और तेज बनाना है।
फाइनल PF विड्रॉल भी ऑटो-सेटलमेंट के दायरे में आएगा
EPFO के सेंट्रल प्रोविडेंट फंड कमिश्नर रमेश कृष्णमूर्ति ने मई में एक इंडस्ट्री इवेंट के दौरान बताया था कि संगठन ऑटो-सेटलमेंट की सुविधा को फाइनल PF विड्रॉल तक बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है।
फिलहाल 5 लाख रुपये तक के एडवांस PF क्लेम ऑटो-सेटलमेंट मोड में प्रोसेस किए जाते हैं। अब EPFO इसी व्यवस्था को फाइनल PF विड्रॉल के लिए भी लागू करने पर विचार कर रहा है। इससे सदस्यों के फाइनल PF क्लेम को भी ऑटोमेटेड तरीके से निपटाने की व्यवस्था बनाई जा सकती है।
कृष्णमूर्ति के अनुसार, EPFO पहले से उपलब्ध ऑटो-सेटलमेंट व्यवस्था को एडवांस से आगे बढ़ाकर फाइनल विड्रॉल तक ले जाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
UAN एक्टिवेशन और जनरेशन का तरीका बदला
EPFO के नए बदलावों के तहत नए और मौजूदा सदस्य अब यूनिफाइड मेंबर पोर्टल के जरिए UAN एक्टिवेट या जनरेट नहीं कर पाएंगे। UAN से जुड़ी दोनों सेवाओं को UMANG ऐप पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
इन सेवाओं के लिए आधार आधारित फेस ऑथेंटिकेशन (FAT) की जरूरत होगी। EPFO के मुताबिक, यह बदलाव डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड के बाद किया गया है।
रिटायरमेंट फंड बॉडी के अनुसार, इसका उद्देश्य ऑनलाइन सेवाओं को अधिक तेज और भरोसेमंद बनाना है। ऐसे में UAN से जुड़ा काम करने वाले सदस्यों को अब UMANG ऐप के जरिए निर्धारित प्रक्रिया का इस्तेमाल करना होगा।
नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर हुआ आसान
EPFO ने नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए PF बैलेंस ट्रांसफर की प्रक्रिया को भी आसान बनाया है। EPFO की वेबसाइट के अनुसार, आधार से लिंक और KYC-कंप्लायंट UAN वाले सदस्यों के लिए PF ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑटोमैटिक हो गई है।
इस व्यवस्था के कारण अलग-अलग PF ट्रांसफर एप्लीकेशन जमा करने की जरूरत खत्म हो जाती है। इससे प्रक्रिया में लगने वाला कागजी काम और अतिरिक्त औपचारिकताएं कम होती हैं।
पहले PF अकाउंट ट्रांसफर की प्रक्रिया में पुराने नियोक्ता, नए नियोक्ता और EPFO कार्यालय से मंजूरी की जरूरत होती थी। नई व्यवस्था के तहत पात्र UAN होल्डर्स के लिए ट्रांसफर प्रक्रिया को ऑटोमेटेड बनाया गया है।
EPF और EPS क्लेम निपटारे में तेजी की तैयारी
पिछले महीने हुई एक इंडस्ट्री समिट में रमेश कृष्णमूर्ति ने कहा था कि EPFO को उम्मीद है कि सदस्यों की ओर से किए जाने वाले ज्यादातर नए PF विड्रॉल क्लेम उसी दिन या अधिकतम दो दिनों के भीतर निपटा दिए जाएंगे।
इसके अलावा EPS 2026 में योग्य पेंशन क्लेम के निपटारे के लिए 20 दिनों की सख्त समयसीमा तय की गई है। यदि EPFO किसी ठोस दस्तावेजी कारण के बिना इस अवधि में क्लेम का निपटारा नहीं कर पाता है, तो देरी वाली राशि पर 12 फीसदी सालाना ब्याज लगाया जाएगा। यह राशि जिम्मेदार कमिश्नर से वसूली जा सकती है।
इस बदलाव का संबंध EPFO के क्लेम सेटलमेंट सिस्टम को तेज करने की प्रक्रिया से है, ताकि सदस्यों के PF और पेंशन से जुड़े दावों का निपटारा निर्धारित समय के भीतर किया जा सके।
BHIM ऐप के जरिए PF क्लेम सेटलमेंट की तैयारी
EPFO जल्द ही BHIM ऐप के माध्यम से प्रोविडेंट फंड क्लेम के सेटलमेंट की सुविधा शुरू करने की दिशा में काम कर रहा है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत क्लेम की रकम सीधे सदस्य के UPI-लिंक्ड बैंक अकाउंट में जमा की जा सकेगी।
रमेश कृष्णमूर्ति ने जुलाई में तेजी से EPF सेटलमेंट के लक्ष्य के साथ इस व्यवस्था को लागू करने की बात कही थी। उन्होंने बताया था कि इस फ्रेमवर्क को लगभग एक महीने के भीतर लागू किए जाने की उम्मीद है।
इसका मतलब यह है कि यह सुविधा इसी महीने शुरू हो सकती है। हालांकि, इस डेवलपमेंट को लेकर अभी तक कोई और स्पष्ट जानकारी या नया अपडेट सामने नहीं आया है।
समिट के दौरान कृष्णमूर्ति ने कहा था कि मंत्री की ओर से बताए गए फ्रेमवर्क के अनुसार BHIM ऐप के जरिए क्लेम सेटलमेंट शुरू किया जाएगा और क्लेम की रकम UPI से जुड़े बैंक अकाउंट के माध्यम से दी जाएगी। उन्होंने इसके लिए लगभग एक महीने की अवधि की बात कही थी।
नौकरीपेशा लोगों के लिए क्यों अहम हैं ये बदलाव
EPFO की ओर से किए गए और प्रस्तावित बदलावों में PF ट्रांसफर, UAN सेवाओं, क्लेम सेटलमेंट और PF निकासी से जुड़े कई पहलू शामिल हैं। आधार और KYC से जुड़े UAN वाले सदस्यों के लिए PF ट्रांसफर को ऑटोमैटिक करने से नौकरी बदलने के बाद होने वाली प्रक्रिया सरल हुई है।
वहीं, UAN एक्टिवेशन और जनरेशन को UMANG ऐप पर स्थानांतरित करने से इन सेवाओं का इस्तेमाल करने का तरीका बदल गया है। दूसरी ओर, फाइनल PF विड्रॉल के लिए ऑटो-सेटलमेंट और BHIM ऐप के जरिए UPI-लिंक्ड बैंक अकाउंट में क्लेम राशि भेजने की व्यवस्था अभी लागू होने की दिशा में है।
EPFO के बदलावों में लागू और प्रस्तावित सुविधाएं
इस साल EPFO की ओर से किए गए बदलावों में कुछ सुविधाएं लागू हो चुकी हैं और कुछ पर काम चल रहा है। 5 लाख रुपये तक के एडवांस PF क्लेम के लिए ऑटो-सेटलमेंट पहले से उपलब्ध है, जबकि इसे फाइनल PF विड्रॉल तक बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।
UAN एक्टिवेशन और जनरेशन की सेवाओं को UMANG ऐप पर शिफ्ट किया गया है। आधार-लिंक्ड और KYC-कंप्लायंट UAN के लिए PF ट्रांसफर की प्रक्रिया ऑटोमैटिक की गई है। EPF और EPS क्लेम के निपटारे में तेजी लाने की दिशा में भी बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा BHIM ऐप के जरिए UPI-लिंक्ड बैंक अकाउंट में PF क्लेम सेटलमेंट की सुविधा शुरू करने की तैयारी है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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