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CWG 2026: नीरज चोपड़ा गोल्ड से चूके, सिल्वर किया अपने नाम; यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो में दिलाया भारत को दूसरा मेडल


CWG 2026 में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर और यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीता। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागा बने गोल्ड मेडलिस्ट।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के पुरुष जैवलिन थ्रो फाइनल में भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल जीता, जबकि यशवीर सिंह ने अपने अंतिम प्रयास में शानदार प्रदर्शन करते हुए ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया। श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागा ने गोल्ड मेडल अपने नाम किया। वहीं, पाकिस्तान के डिफेंडिंग चैंपियन अरशद नदीम शुरुआती दौर से आगे नहीं बढ़ सके।

CWG 2026 में भारत को जैवलिन थ्रो में मिली दोहरी सफलता

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुष जैवलिन थ्रो प्रतियोगिता भारत के लिए यादगार रही। इस मुकाबले में नीरज चोपड़ा ने सिल्वर मेडल हासिल किया, जबकि पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा ले रहे यशवीर सिंह ने ब्रॉन्ज जीतकर भारत की झोली में दूसरा पदक डाल दिया। दूसरी ओर, श्रीलंका के युवा एथलीट रुमेश थरंगा पथिरागा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया।

दूसरे प्रयास में नीरज ने बनाई बढ़त, लेकिन श्रीलंकाई खिलाड़ी निकले आगे

ग्लासगो में आयोजित इस मुकाबले का भारतीय खेल प्रेमियों को लंबे समय से इंतजार था। नीरज चोपड़ा ने पहले प्रयास में संतुलित शुरुआत की और दूसरे प्रयास में 85.83 मीटर का थ्रो कर प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल कर लिया। यह उनका मौजूदा सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी रहा।

हालांकि, उसी राउंड में श्रीलंका के रुमेश थरंगा पथिरागा ने 89.73 मीटर का शानदार थ्रो कर नीरज को पीछे छोड़ दिया। इसके बाद शेष चार राउंड में न तो नीरज और न ही पथिरागा अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में सुधार कर सके। कोई अन्य खिलाड़ी भी उनसे आगे नहीं निकल पाया, जिससे पथिरागा ने गोल्ड और नीरज ने सिल्वर मेडल अपने नाम किया।

यह कॉमनवेल्थ गेम्स में 2006 के बाद श्रीलंका का पहला गोल्ड मेडल भी है। नीरज चोपड़ा ने 2018 में गोल्ड जीता था, जबकि 2022 के खेलों में चोट के कारण वे हिस्सा नहीं ले सके थे।

अरशद नदीम शुरुआती दौर में ही बाहर हुए

इस मुकाबले का एक बड़ा उलटफेर पाकिस्तान के डिफेंडिंग चैंपियन और मौजूदा ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम का प्रदर्शन रहा। चोट के बाद वापसी कर रहे अरशद शुरुआती तीन प्रयासों में 80 मीटर का आंकड़ा पार नहीं कर सके।

इसके चलते वह शीर्ष-8 खिलाड़ियों में जगह नहीं बना पाए और उन्हें अंतिम तीन प्रयास करने का अवसर भी नहीं मिला। इस तरह वह पहले चरण से आगे बढ़ने में असफल रहे।

यशवीर सिंह ने आखिरी थ्रो में पलट दी बाजी

प्रतियोगिता के अंतिम दौर में भारत के यशवीर सिंह ने सबसे बड़ा सरप्राइज दिया। जयपुर के रहने वाले यशवीर सिंह अंतिम प्रयास से पहले छठे स्थान पर थे और उनका सर्वश्रेष्ठ थ्रो 81.33 मीटर था।

मगर आखिरी प्रयास में उन्होंने 85.41 मीटर का थ्रो कर सीधे तीसरे स्थान पर छलांग लगा दी। यह उनके करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और इसी के दम पर उन्होंने अपने पहले ही कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया।

भारत के एक अन्य खिलाड़ी रोहित यादव प्रतियोगिता में छठे स्थान पर रहे।

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