कटनी CSP नेहा पच्चीसिया पर रिश्वत मांगने और विभागीय लापरवाही के आरोप, जांच IPS अनु बेनीवाल को सौंपी गई।
कटनी की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया पर एक ट्रांसपोर्टर से 30 हजार रुपये रिश्वत मांगने और हत्या के एक मामले में समय पर चालान पेश नहीं करने से जुड़े गंभीर आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद उनके वाहन चालक को निलंबित कर दिया गया है और उनसे तीन थानों का प्रभार वापस ले लिया गया है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल को सौंपी गई है।
ट्रांसपोर्टर की शिकायत के बाद बढ़ी मुश्किलें
मध्य प्रदेश के कटनी जिले की नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) नेहा पच्चीसिया इन दिनों गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में हैं। एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी ने उन पर वाहन छोड़ने के बदले 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। शिकायत सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक कार्रवाई की है और विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
ट्रांसपोर्टर ने क्या लगाए आरोप?
कटनी के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी महेंद्र कुमार जैन ने पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा को दी शिकायत में बताया कि 21 जुलाई की रात वाहन चेकिंग के दौरान उनकी रेत और डोलोमाइट से भरी हाईवा गाड़ी को रोका गया। शिकायत के अनुसार, वाहन छोड़ने के बदले 30 हजार रुपये की मांग की गई। आरोप है कि मौके पर 25 हजार रुपये नकद लिए गए, जबकि शेष 5 हजार रुपये अगले दिन चालक के माध्यम से देने के लिए कहा गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि रकम नहीं देने पर वाहन को थाने में खड़ा कर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई थी।
शिकायत के बाद पुलिस विभाग की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद कटनी पुलिस प्रशासन ने प्रारंभिक स्तर पर कार्रवाई करते हुए सीएसपी नेहा पच्चीसिया के वाहन चालक आरक्षक केशव सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इसके साथ ही सीएसपी नेहा पच्चीसिया से कुठला, माधवनगर और रंगनाथ नगर थानों का प्रभार वापस ले लिया गया। इन तीनों थानों की जिम्मेदारी अजाक डीएसपी शिवा पाठक को सौंप दी गई है।
हत्या के मामले में भी विभागीय जांच
नेहा पच्चीसिया एक अन्य विभागीय जांच का भी सामना कर रही हैं। आरोप है कि हत्या के एक मामले में निर्धारित 90 दिनों के भीतर अदालत में चालान पेश नहीं किया गया, जिसके कारण आरोपी को डिफॉल्ट जमानत मिल गई। आरोपी ने अदालत में परिवाद दायर कर यह भी आरोप लगाया है कि उसे लाभ पहुंचाने के बदले उसकी जमीन बेहद कम कीमत पर बिकवाई गई। हालांकि इस पूरे मामले की जांच अभी जारी है और किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचा गया है।
निष्पक्ष जांच के लिए जबलपुर भेजा गया मामला
मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए जांच को कटनी जिले से बाहर स्थानांतरित कर दिया गया है। ट्रांसपोर्टर की शिकायत और विभागीय लापरवाही से जुड़े दोनों मामलों की जांच जबलपुर की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं आईपीएस अधिकारी अनु बेनीवाल को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही तथ्यों के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एयर होस्टेस से डीएसपी बनने तक का सफर
राजगढ़ जिले की पचोर तहसील की रहने वाली नेहा पच्चीसिया का सफर लंबे समय तक प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जाता रहा है। शिक्षक पिता की बेटी ने 12वीं के बाद एविएशन का कोर्स किया और एयर इंडिया में एयर होस्टेस के रूप में काम किया। बाद में उन्होंने नौकरी छोड़कर प्रशासनिक सेवा की तैयारी शुरू की। वर्ष 2012 से 2016 तक तैयारी करने के बाद उन्होंने 2016 की MPPSC परीक्षा में 20वीं रैंक हासिल की और डीएसपी पद का चयन किया। कोरोना काल के दौरान प्रशासनिक कार्यों के लिए उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा सम्मानित भी किया गया था।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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