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4 हाथ-पैर, शरीर के बाहर लिवर और दाईं ओर दिल... छतरपुर में जन्मे इस नवजात को देख डॉक्टर भी रह गए सन्न


छतरपुर में 4 हाथ-पैर वाले बच्चे का जन्म हुआ है। दाईं ओर दिल और बाहर लिवर जैसी 5 दुर्लभ बीमारियों से मासूम लड़ रहा है जंग।

मध्य प्रदेश के छतरपुर में 23 अगस्त को एक ऐसा नवजात जन्मा है, जिसे देखकर डॉक्टर भी सन्न हैं। बच्चे के चार हाथ और चार पैर हैं। वह 'पैरासिटिक ट्विन' और 'कैंट्रेल्स पेंटालॉजी' जैसी 5 बेहद दुर्लभ बीमारियों से जूझ रहा है। मासूम का दिल दाईं ओर है और लिवर शरीर के बाहर है। हालत गंभीर होने पर उसे सरकारी मदद से एयरलिफ्ट कर जबलपुर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां वह जिंदगी की जंग लड़ रहा है।

मजदूर के घर गूंजी किलकारी, लेकिन बनावट देख उड़े परिजनों के होश

छतरपुर जिले के हरद्वार गांव में रहने वाले मजदूर शिवचरण अहिरवार के परिवार में 23 अगस्त की सुबह एक बच्चे का जन्म हुआ। शिवचरण के पहले से दो बेटे हैं और इस बार उन्हें बेटी होने की उम्मीद थी। लेकिन जन्म के बाद जब परिजनों ने नवजात को देखा, तो वे हैरान रह गए। मासूम के शरीर में चार हाथ और चार पैर थे। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे पहले छतरपुर से खजुराहो ले जाया गया। इसके बाद सरकारी मदद से उसे एयरलिफ्ट करके जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।

'पैरासिटिक ट्विन' जैसी दुर्लभ स्थिति का शिकार है मासूम

जबलपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद जब डॉक्टरों ने जांच की, तो पता चला कि बच्चा बेहद दुर्लभ चिकित्सकीय स्थितियों का सामना कर रहा है। अस्पताल के बाल शल्य चिकित्सक प्रो. डॉ. विकेश अग्रवाल के अनुसार, नवजात में 'पैरासिटिक ट्विन' (हेटरोपेगस ट्विन) के लक्षण पाए गए हैं। इस स्थिति में गर्भ के अंदर दो भ्रूण पनपते हैं, लेकिन एक का विकास रुक जाता है और उसका कुछ हिस्सा विकसित हो रहे दूसरे बच्चे के शरीर से जुड़ जाता है। इसी कारण इस नवजात के शरीर में दो अतिरिक्त हाथ और पैर जुड़े हुए हैं।

5 गंभीर बीमारियां: शरीर के बाहर लिवर और दाईं तरफ है दिल

अतिरिक्त अंगों के अलावा, बच्चा 'कैंट्रेल्स पेंटालॉजी' नाम की गंभीर जन्मजात बीमारी से भी पीड़ित है। इस स्थिति में शरीर के कई महत्वपूर्ण अंग ठीक से विकसित नहीं हो पाते। पेट की मांसपेशियां विकसित न होने के कारण बच्चे का लिवर शरीर के बाहर है। सीने की हड्डी (स्टर्नम) और डायफ्राम का विकास भी सही से नहीं हुआ है, जिससे आंतों का कुछ हिस्सा छाती की तरफ चला गया है।

​इसके अलावा, मासूम का बायां फेफड़ा अविकसित है और उसका दिल सामान्य स्थिति की बजाय दाईं ओर स्थित है (इसे डेक्स्ट्रोकार्डिया कहा जाता है)। डॉक्टरों ने बताया कि नवजात 'साइनोटिक हार्ट डिजीज' से जुड़ी गंभीर समस्या से भी जूझ रहा है।

सर्जरी में है भारी जोखिम, बेबस पिता ने सरकार से लगाई गुहार

डॉक्टरों के मुताबिक, बच्चे के दिल और रीढ़ की हड्डी के पास से एक अतिरिक्त पैर गुजर रहा है। ऐसे में सर्जरी के जरिए इसे अलग करना एक बेहद जटिल और जोखिम भरा कदम है। मासूम की हालत इतनी नाजुक है कि उसे एनेस्थीसिया देकर तुरंत ऑपरेशन करना जानलेवा हो सकता है। फिलहाल डॉक्टरों की टीम उसे ऑक्सीजन और इनोट्रोपिक सपोर्ट पर रखकर दवाओं के जरिए स्थिर करने का प्रयास कर रही है।

​दूसरी ओर, आर्थिक तंगी और मानसिक संकट से जूझ रहे पिता शिवचरण अहिरवार ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से अपने बच्चे के इलाज के लिए मदद मांगी है। उनका कहना है कि वे मजदूरी करते हैं और बड़े अस्पतालों का खर्च नहीं उठा सकते। फिलहाल बच्चा विशेषज्ञों की निगरानी में है। डॉक्टरों का कहना है कि दवाओं से स्थिति में सुधार आने पर ही आगे की सर्जरी को लेकर कोई फैसला लिया जाएगा।

​साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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