सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अनशन खत्म किया। सरकार ने संसद में चर्चा, मुआवजे और छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया।

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर 26 दिनों से भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त कर दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों ने परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही पर संसद में चर्चा कराने, NEET पेपर लीक से प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने का आश्वासन दिया है।

26 दिन बाद खत्म हुआ अनशन, वीडियो जारी कर बताई वजह

शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने 23 जुलाई को अपना 26 दिनों का अनशन समाप्त कर दिया। अनशन खत्म करने के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि भूख हड़ताल भले समाप्त हो गई हो, लेकिन अब जवाबदेही की शुरुआत होनी चाहिए।

वांगचुक ने कहा कि उन्हें सरकार और विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों की ओर से भरोसा दिया गया है कि भारतीय संसद में परीक्षा प्रणाली में बढ़ती गड़बड़ियों और जवाबदेही के मुद्दे पर चर्चा कराई जाएगी।

सरकार ने मुआवजे और छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने का दिया भरोसा

सोनम वांगचुक के अनुसार, सरकार की ओर से यह भी आश्वासन दिया गया है कि हाल ही में NEET परीक्षा के पेपर लीक की घटना के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। इसके अलावा शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इन आश्वासनों के आधार पर उन्होंने अपना अनशन समाप्त करने का निर्णय लिया।

करीब 65 सांसदों ने दिया संसद में मुद्दा उठाने का आश्वासन

वांगचुक ने बताया कि विभिन्न राजनीतिक दलों के लगभग 65 सांसद उनसे मिलने पहुंचे और हस्ताक्षर कर उनसे अनशन समाप्त करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि सभी सांसदों ने भरोसा दिया कि वे इस मुद्दे को संसद में उठाएंगे और इस पर चर्चा कराएंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि सरकार की ओर से पहुंचे मंत्रियों ने भी इस विषय पर बातचीत और आगे की कार्रवाई का आश्वासन दिया। वांगचुक के अनुसार, वे इन आश्वासनों के लिखित रूप का इंतजार कर रहे थे, जिसके कारण उन्हें अपने अनशन की अवधि भी बढ़ानी पड़ी।

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वास्थ्य का रखा ध्यान, जल्द स्वस्थ होने की कामना की

सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के कुछ घंटों बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने वांगचुक से डॉक्टरों की सलाह का पालन करने और जल्द से जल्द स्वस्थ होकर अपना पुराना वजन वापस पाने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित करना था कि छात्रों का एक भी शैक्षणिक वर्ष बर्बाद न हो। इसी कारण परीक्षाएं जल्द कराना जरूरी था और संबंधित विभागों को फास्ट-ट्रैक कोर्ट की दिशा में आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स