दिल्ली में छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल को लेकर राहुल गांधी ने गृह मंत्रालय पर सवाल उठाए और जांच की मांग की।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के इस्तेमाल और बल प्रयोग को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि वह यही मुद्दा संसद में उठाना चाहते थे, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया गया। राहुल गांधी ने गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी तय करने और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया, इसकी जांच कराने की मांग की है।
राहुल गांधी का आरोप- संसद में नहीं मिली बोलने की अनुमति
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जो बात वह संसद में नहीं रख पाए, उसे अब मीडिया के सामने रख रहे हैं। उनका आरोप है कि सदन में उन्होंने कई बार स्पीकर से बोलने की अनुमति मांगी, लेकिन उन्हें अपनी बात पूरी तरह रखने का अवसर नहीं मिला।
राहुल गांधी के मुताबिक, वह दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई का मुद्दा संसद में उठाना चाहते थे। उनका कहना था कि छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता और पैलेट गन के इस्तेमाल पर सरकार को जवाब देना चाहिए। 29 जुलाई को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी के भाषण और उनके कुछ बयानों को लेकर सत्ता पक्ष ने आपत्ति भी जताई।
छात्रों पर कार्रवाई को लेकर गृह मंत्रालय पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों के साथ बर्बरता हुई और पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने इसके लिए गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि छात्रों के खिलाफ हुई कार्रवाई की जवाबदेही तय होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर वह गृह मंत्री को पत्र भी लिख चुके हैं। राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शन में घायल हुए एक छात्र से उन्होंने खुद मुलाकात की है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को ऐसी लाठियों से मारा गया, जिनमें कील लगी हुई थी।
राहुल गांधी इससे पहले भी गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग और पैलेट गन के इस्तेमाल की अनुमति को लेकर सवाल उठा चुके हैं।
'पैलेट गन किसके आदेश से चली, इसकी जिम्मेदारी तय हो'
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने संसद में भी छात्रों के साथ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई। उनका दावा है कि बिना गृह मंत्रालय के आदेश के पैलेट गन नहीं चलाई जाती। उन्होंने कहा कि कांग्रेस भी केंद्र की सत्ता में रह चुकी है और सरकार के कामकाज की प्रक्रिया को समझती है।
राहुल गांधी के मुताबिक, उन्होंने संसद में सवाल उठाया कि पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश गृह मंत्री की ओर से दिया गया था या उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी। उन्होंने पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
दिल्ली में छात्रों पर कथित बल प्रयोग का मुद्दा संसद परिसर में भी उठा है। विपक्षी सांसदों ने इस कार्रवाई को लेकर प्रदर्शन करते हुए गृह मंत्री से जवाब मांगा था।
दिल्ली पुलिस और RAF का जिक्र कर गृह मंत्रालय को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि दिल्ली पुलिस गृह मंत्रालय के तहत काम करती है। उन्होंने RAF का जिक्र करते हुए भी गृह मंत्रालय की जवाबदेही पर सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि वह इसी विषय को संसद में उठा रहे थे, लेकिन उन्हें बोलने से रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि लोकसभा में बोलना उनका अधिकार है और नेता प्रतिपक्ष के तौर पर संसद अपनी बात रखने का उनका प्रमुख मंच है।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर जांच की खबरें भी सामने आई हैं। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, मामले में RAF के संबंधित जवानों की पहचान की गई और CRPF की आंतरिक जांच रिपोर्ट तैयार किए जाने की बात सामने आई।
सरकार से जांच कराने की मांग
राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शन से पीछे हट चुके छात्रों को भी न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस उनके साथ रहेगी। उन्होंने सरकार से गृह मंत्रालय में बदलाव करने की मांग की और कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि पैलेट गन का इस्तेमाल आखिर किसके आदेश पर किया गया।
उन्होंने पैलेट गन को बेहद घातक बताते हुए कहा कि इसके इस्तेमाल से मौत तक हो सकती है और आंखों की रोशनी जाने का खतरा रहता है।
राहुल गांधी ने दावा किया कि छात्र पर हुए हमले से जुड़ी एम्स की रिपोर्ट में पैलेट गन के इस्तेमाल का उल्लेख है। उनका कहना था कि उन्होंने इस संबंध में सबूत भी दिया, लेकिन सरकार उसे गलत बता रही है।
इससे पहले राहुल गांधी प्रदर्शन के दौरान घायल एक छात्र को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने साथ लेकर आए थे और केंद्र सरकार पर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए थे।
पेपर लीक बिल पर भी राहुल गांधी ने उठाए सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने पेपर लीक से जुड़े बिल को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि बिल में पेपर लीक रोकने के लिए कोई नियम नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक की घटनाओं से छात्र परेशान हैं, लेकिन सरकार उनकी बात नहीं सुन रही। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक से जुड़े माफिया के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई और किसी को सजा नहीं मिली।
29 जुलाई को लोकसभा में एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान भी राहुल गांधी ने छात्रों से जुड़े मुद्दे उठाए। उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष की आपत्ति और हंगामे की खबरें सामने आईं।
छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा संसद तक पहुंचा
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई कार्रवाई अब राजनीतिक मुद्दा बन चुकी है। विपक्षी सांसद छात्रों पर कथित बल प्रयोग के खिलाफ संसद परिसर में प्रदर्शन कर चुके हैं। राहुल गांधी ने भी लगातार इस मामले में गृह मंत्रालय से जवाबदेही तय करने की मांग की है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनका जोर इस सवाल पर रहा कि छात्रों के खिलाफ पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किस स्तर से दिया गया और इसकी जिम्मेदारी किसकी है। इसके साथ ही उन्होंने पेपर लीक की समस्या और उससे जुड़े बिल को लेकर भी सरकार से सवाल किए।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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