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जंतर-मंतर पहुंचे मनीष सिसोदिया, बोले- 'पेपर माफिया से आजादी जरूरी', संसद मार्च में शामिल होने की अपील


जंतर-मंतर पहुंचे मनीष सिसोदिया ने शिक्षा क्रांति और पेपर माफिया से मुक्ति की मांग उठाई, संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।

दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे धरने के दौरान रविवार को पूर्व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया पहुंचे। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की जरूरत बताते हुए कहा कि देश को शिक्षा क्रांति की आवश्यकता है और इसकी शुरुआत पेपर माफिया से मुक्ति दिलाने से होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की भी अपील की।

जंतर-मंतर पर पहुंचे मनीष सिसोदिया, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

रविवार को जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन में आयोजित धरने में आम लोगों के साथ कई राजनीतिक नेताओं और फिल्मी हस्तियों की मौजूदगी रही। यहां आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया, सांसद संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और गोपाल राय पहुंचे। इनके अलावा समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन, सरोज सिंह, हरेंद्र मलिक, हनुमान बेनीवाल तथा फिल्म अभिनेता शबाना आजमी और प्रकाश राज भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

दिनभर धरना स्थल पर सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले जाने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग और सोमवार को प्रस्तावित संसद मार्च को लेकर चर्चा होती रही।

'देश को शिक्षा क्रांति की सख्त जरूरत'

धरना स्थल पर संबोधित करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा कि देश को अब शिक्षा क्रांति की सख्त जरूरत है। उनके अनुसार इस बदलाव की पहली शर्त पेपर माफिया से देश को आजादी दिलाना है। उन्होंने कहा कि केवल प्रश्नपत्र ही नहीं बिक रहे हैं, बल्कि बच्चों का भविष्य भी दांव पर लग रहा है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष तय करेगा कि आगे मेहनत करने वाला छात्र बढ़ेगा या फिर पैसे और पहुंच के दम पर पेपर खरीदने वाला।

सोनम वांगचुक के समर्थन में दिया बयान

मनीष सिसोदिया ने कहा कि सोनम वांगचुक ने शिक्षा क्रांति के उद्देश्य से अपना शरीर दांव पर लगाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने लोगों को भेजकर "सफेद चादर वाला जादू" दिखाया और सोनम वांगचुक को गायब कर दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि यही जादू शिक्षा मंत्री की कुर्सी पर दिखाया जाता तो धर्मेंद्र प्रधान वहां से हट गए होते।

संसद मार्च में शामिल होने की लोगों से अपील

अपने संबोधन में सिसोदिया ने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि देश के बच्चों के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोमवार को जंतर-मंतर से संसद तक होने वाले मार्च में बड़ी संख्या में शामिल हों। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के समर्थकों को भी अपने बच्चों के भविष्य के लिए इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।

'पेपर माफिया से आजादी' को बताया आंदोलन का उद्देश्य

मनीष सिसोदिया ने कहा कि जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवा पेपर माफिया से मुक्ति की मांग को लेकर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह धरना भले ही 'कॉकरोच जनता पार्टी' के बैनर तले आयोजित हो रहा हो और इसमें अलग-अलग दलों के लोग शामिल हो रहे हों, लेकिन इसका मूल उद्देश्य शिक्षा क्रांति के माध्यम से देश को पेपर माफिया से आजादी दिलाना है।

उन्होंने कहा कि इस आंदोलन को अभिजीत दीपके, आशुतोष रांका, सौरभ दास और कई छात्राओं ने अपने कंधों पर आगे बढ़ाया है, जबकि सोनम वांगचुक ने अपने शरीर को दांव पर लगाकर इस अभियान का नेतृत्व किया है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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