दतिया उपचुनाव में आशुतोष तिवारी को BJP उम्मीदवार बनाए जाने के बाद बवाल, चक्काजाम, पुलिस से झड़प और कई हिरासत में।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया तो जिले में विरोध तेज हो गया। शनिवार को बड़ी संख्या में नरोत्तम मिश्रा के समर्थक सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शन के दौरान बीजेपी कार्यालय के बाहर नारेबाजी हुई, कुछ कार्यकर्ता कार्यालय की छत पर चढ़ गए और राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लंबे समय तक चक्काजाम किया गया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया, जिसके बाद झड़प, पथराव और कार्रवाई की घटनाएं सामने आईं।
उम्मीदवार बदलने के फैसले पर कार्यकर्ताओं का विरोध
बीजेपी की ओर से आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ताओं और नरोत्तम मिश्रा समर्थकों ने नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारी दतिया स्थित बीजेपी कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और फैसले के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। कुछ कार्यकर्ता कार्यालय की छत पर भी चढ़ गए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन विरोध जारी रहने पर हालात बिगड़ गए।
राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर घंटों लगा जाम
जिलाधिकारी स्वप्निल वानखेड़े के अनुसार, शनिवार को करीब 3000 से अधिक प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर लगभग 12 घंटे तक यातायात बाधित रखा। प्रशासन ने सड़क खाली कराने की कोशिश की तो कुछ लोगों की ओर से पथराव किया गया।
पथराव में छह से अधिक पुलिसकर्मी घायल होने की जानकारी दी गई है। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े और आवश्यक बल प्रयोग किया। प्रशासन ने बाद में राजमार्ग पर यातायात बहाल करा दिया तथा कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की गई थी। लेकिन जब बाजार बंद कराने और राष्ट्रीय राजमार्ग बाधित करने की कोशिश हुई तथा पथराव किया गया, तब पुलिस को कार्रवाई करनी पड़ी।
उन्होंने कहा कि हिंसा में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
आशुतोष तिवारी कौन हैं?
बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी लंबे समय से संगठनात्मक राजनीति से जुड़े रहे हैं। उनका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से भी रहा है और वे भाजपा संगठन में कई जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं। इस बार पार्टी ने संगठन से जुड़े चेहरे पर भरोसा जताते हुए उन्हें दतिया उपचुनाव का उम्मीदवार बनाया है।
उम्मीदवारी घोषित होने से पहले भी स्थानीय स्तर पर विरोध देखने को मिला था। शुक्रवार को पार्टी के कुछ पदाधिकारियों, जिला इकाई के अध्यक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उम्मीदवार चयन का विरोध करते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था।
नरोत्तम मिश्रा का दतिया से मजबूत राजनीतिक जुड़ाव
डॉ. नरोत्तम मिश्रा मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं में शामिल रहे हैं। वे कई बार दतिया से विधायक चुने गए और राज्य सरकार में गृह, जनसंपर्क समेत कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्ष 2020 के राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान भी उनकी भूमिका चर्चा में रही थी।
हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में उन्हें दतिया सीट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद क्षेत्र में उनका मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।
दतिया में उपचुनाव क्यों हो रहा है?
दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मामले में अदालत द्वारा तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई। बाद में दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उनकी सजा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया, जिसके बाद इस सीट पर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई।
कब होगी वोटिंग?
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को मतदान होगा, जबकि 3 अगस्त को मतगणना कर परिणाम घोषित किए जाएंगे। भाजपा ने अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है, जबकि कांग्रेस की ओर से प्रत्याशी के नाम का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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