मुजफ्फरपुर के निजी अस्पताल के ICU में आग लगने से 5 मरीजों की मौत, वेंटिलेटर ब्लास्ट और फायर सेफ्टी पर उठे सवाल।
बिहार के मुजफ्फरपुर में गुरुवार तड़के एक निजी अस्पताल के ICU में लगी भीषण आग ने पांच मरीजों की जान ले ली, जबकि कई अन्य मरीज गंभीर रूप से झुलस गए। शुरुआती जांच में वेंटिलेटर उपकरण के पास धमाके के बाद आग फैलने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई और मरीजों के परिजन अपने प्रियजनों को बचाने के लिए जान जोखिम में डालकर ICU तक पहुंच गए। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर दी है।
ICU में अचानक धमाका, कुछ मिनटों में धुएं से भर गया पूरा वार्ड
जानकारी के मुताबिक यह दर्दनाक हादसा मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा स्थित एक निजी अस्पताल में सुबह करीब 3:40 बजे हुआ। अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर बने ICU वार्ड में अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। इसके तुरंत बाद वेंटिलेटर और अन्य मेडिकल उपकरणों के आसपास आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग तेजी से फैल गई और पूरा ICU घने धुएं से भर गया।
उस समय ICU में 15 से अधिक गंभीर मरीज भर्ती थे। कई मरीज ऑक्सीजन सपोर्ट और वेंटिलेटर पर थे, जिससे स्थिति और भयावह हो गई। धुआं फैलने के कारण मरीजों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी और अस्पताल में चीख-पुकार मच गई। परिजनों ने बताया कि कुछ लोग अपने मरीजों को बचाने के लिए बिना किसी सुरक्षा उपकरण के धुएं से भरे वार्ड में घुस गए।
अस्पताल प्रबंधन और फायर सेफ्टी सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल
हादसे के बाद मृतकों और घायलों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आग लगने के समय ICU में पर्याप्त स्टाफ मौजूद नहीं था और शुरुआती कुछ मिनटों तक किसी ने राहत कार्य शुरू नहीं किया। कई परिजनों ने दावा किया कि उन्होंने खुद मरीजों को बाहर निकालने की कोशिश की।
घटना के बाद अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद फायर हाइड्रेंट सिस्टम सही तरीके से काम नहीं कर पाया। वहीं अग्निशामक यंत्र होने के बावजूद उन्हें चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी मौके पर मौजूद नहीं थे। इसी वजह से आग शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रण से बाहर हो गई।
फायर ब्रिगेड और प्रशासन ने शुरू किया रेस्क्यू, जांच टीम गठित
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, जिला प्रशासन और फायर ब्रिगेड की कई टीमें मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस दौरान अस्पताल में फंसे मरीजों को बाहर निकालकर आसपास के दूसरे अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
मौके पर पहुंचे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने राहत और बचाव कार्य का जायजा लिया। प्रशासन का कहना है कि आग लगने के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जाएगी। नगर आयुक्त ऋतुराज प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय टीम का गठन किया गया है। यह टीम अस्पताल की फायर सेफ्टी व्यवस्था, मेडिकल उपकरणों की स्थिति और हादसे के कारणों की जांच कर रिपोर्ट सौंपेगी।
अधिकारियों ने साफ किया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं अस्पताल में भर्ती कई घायलों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है, जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा रहा।


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