इंदौर के महू में नर्मदा जल योजना की पाइपलाइन फटी, 150 फीट तक उठा पानी का फव्वारा, कई इलाकों में जल संकट की आशंका।
इंदौर के महू स्थित भेरू घाट में रविवार सुबह नर्मदा जल प्रदाय योजना की मुख्य पाइपलाइन अचानक फट गई, जिसके बाद करीब 150 फीट ऊंचा पानी का फव्वारा उठने लगा। तेज दबाव के साथ लाखों लीटर पानी सड़कों पर बह गया और आसपास का इलाका जलमग्न हो गया। घटना के बाद स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों का आरोप है कि पाइपलाइन में पहले से लीकेज था, लेकिन विभाग ने समय रहते कोई कार्रवाई नहीं की।
धमाके जैसी आवाज के बाद मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रविवार सुबह अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। कुछ ही सेकंड में पाइपलाइन फट गई और तेज दबाव के साथ पानी आसमान की ओर उठने लगा। देखते ही देखते पानी का बहाव इतना बढ़ गया कि भेरू घाट के आसपास की सड़कें और निचले इलाके पानी से भर गए। कई घरों तक पानी पहुंच गया, जिससे लोगों को सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पाइपलाइन से काफी समय से पानी रिस रहा था। कई बार इसकी शिकायत भी की गई थी, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। लोगों का आरोप है कि अगर समय पर मरम्मत की जाती तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।
लाखों लीटर पानी बहा, विभाग पर उठे सवाल
पाइपलाइन फटने के बाद घंटों तक लगातार पानी बहता रहा। इस दौरान बड़ी मात्रा में नर्मदा का पानी बर्बाद हो गया। घटना के वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिनमें पानी का विशाल फव्वारा साफ दिखाई दे रहा है। लोगों ने इसे विभागीय लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि एक तरफ गर्मी के मौसम में शहर के कई हिस्सों में पानी की कमी बनी रहती है, वहीं दूसरी तरफ ऐसी घटनाओं में लाखों लीटर पेयजल यूं ही बह जाता है। लोगों ने जलापूर्ति व्यवस्था की नियमित निगरानी और समय पर रखरखाव की मांग की है।
इंदौर के कई इलाकों में पानी सप्लाई प्रभावित होने की आशंका
मुख्य पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण नर्मदा जल आपूर्ति व्यवस्था पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। अधिकारियों की ओर से पाइपलाइन की मरम्मत का काम शुरू कर दिया गया है, लेकिन मरम्मत पूरी होने तक कई इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित रह सकती है।
हालांकि देर शाम तक संबंधित विभाग की तरफ से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल तकनीकी टीमें मौके पर मौजूद हैं और जलापूर्ति जल्द बहाल करने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के बाद स्थानीय प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।


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