दोस्ती की आड़ में मौत की साजिश! हाथ-पैर बांधकर उतारा मौत के घाट, सोनभद्र में 9 दिन से लापता युवक की दोस्तों ने ही की थी हत्या; पोस्टमार्टम से खुला खौफनाक राज




सोनभद्र में लापता युवक अखिलेश यादव की दोस्तों ने हत्या कर शव नहर में फेंका, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ सनसनीखेज खुलासा


सोनभद्र में सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ दिल दहला देने वाला है, बल्कि रिश्तों और भरोसे पर भी गहरे सवाल खड़े करता है। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत अमौली मरकरी नहर में मिले एक युवक के शव ने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया। शुरुआती तौर पर जिस मौत को लोग हादसा मान रहे थे, पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आते ही वह धारणा पूरी तरह बदल गई। रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि युवक की निर्मम हत्या की गई थी और हत्या के बाद शव को नहर में फेंककर सबूत मिटाने की कोशिश की गई।

मृतक की पहचान और गांव में पसरा मातम

नहर से बरामद शव की पहचान पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ग्राम नौडीहा निवासी 25 वर्षीय अखिलेश यादव उर्फ कन्हैया के रूप में हुई। अखिलेश अपने परिवार का सहारा था और गांव में मेहनती युवक के रूप में जाना जाता था। उसकी मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। घर में मातम पसरा है, मां का रो-रोकर बुरा हाल है और पिता बार-बार यही सवाल कर रहे हैं कि आखिर उनके बेटे ने किसका क्या बिगाड़ा था।

नौ दिन से लापता था अखिलेश

परिजनों के अनुसार अखिलेश 23 दिसंबर की शाम घर से निकला था। बताया गया कि उसका एक करीबी दोस्त उसे पार्टी के बहाने अपने साथ ले गया था। अखिलेश ने घरवालों से कहा था कि वह थोड़ी देर में लौट आएगा, लेकिन वह फिर कभी घर नहीं लौटा। जब देर रात तक उसका कोई पता नहीं चला तो परिवार ने पहले अपने स्तर पर खोजबीन शुरू की। रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की गई, लेकिन हर जगह निराशा ही हाथ लगी।

अनहोनी की आशंका और पुलिस में शिकायत

दो-तीन दिन बीतने के बाद भी जब अखिलेश का कुछ पता नहीं चला तो परिजनों को अनहोनी की आशंका होने लगी। इसके बाद उन्होंने पन्नूगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की सूचना दी। पुलिस ने भी युवक की तलाश शुरू की, लेकिन कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। परिवार दिन-रात यही सोचकर परेशान था कि अखिलेश आखिर कहां गया और किस हाल में होगा।

अमौली मरकरी नहर से मिला शव

नौ दिन बाद अचानक अमौली मरकरी नहर के पास स्थानीय लोगों ने पानी में एक शव उतराता देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से बाहर निकलवाया गया। शव की हालत देखकर ही अंदेशा हो गया था कि मामला सामान्य नहीं है। शव काफी हद तक सड़ चुका था, लेकिन कपड़ों और पहचान के अन्य चिन्हों से उसकी पहचान अखिलेश यादव के रूप में कर ली गई। जैसे ही यह खबर परिजनों तक पहुंची, परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला मौत का राज

शव को कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जो खुलासा हुआ, उसने सभी को चौंका दिया। रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा गया कि अखिलेश की मौत डूबने से नहीं बल्कि हत्या के कारण हुई है। उसके शरीर पर कई जगह गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जो किसी भारी वस्तु से मारपीट किए जाने की ओर इशारा करते हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि मृतक के दोनों पैर रस्सी से बंधे हुए थे, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसे जानबूझकर नहर में फेंका गया था।

हाथ-पैर बांधकर की गई थी निर्मम हत्या

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार अखिलेश के हाथ-पैर बांधकर उसे मौत के घाट उतारा गया। शरीर पर मौजूद चोटों से अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या से पहले उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। यह भी आशंका जताई जा रही है कि अखिलेश को पहले बेहोश किया गया और फिर रस्सी से बांधकर नहर में फेंक दिया गया ताकि मामला हादसे का लगे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने पूरे मामले की दिशा ही बदल दी।

दोस्तों पर गहराया हत्या का शक

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, वैसे-वैसे अखिलेश के दोस्तों की भूमिका संदिग्ध होती चली गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि अखिलेश को आखिरी बार उसके कुछ दोस्त ही अपने साथ ले गए थे। उन्हीं दोस्तों में से एक युवक के खिलाफ परिजनों ने नामजद तहरीर दी। परिजनों का आरोप है कि अखिलेश के दोस्तों ने ही किसी विवाद के चलते उसकी हत्या की और फिर शव को नहर में फेंक दिया।

पुलिस ने दर्ज किया हत्या का मुकदमा

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। परिजनों की शिकायत पर एक युवक के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह मामला पूरी तरह से सोची-समझी साजिश का प्रतीत होता है। आरोपी ने अपने अपराध को छिपाने के लिए शव को नहर में फेंक दिया ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके।

चार टीमों का गठन, आरोपी की तलाश तेज

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि इस हत्याकांड के खुलासे और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चार विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। मोबाइल कॉल डिटेल्स, आखिरी लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।

गांव में दहशत और गुस्से का माहौल

अखिलेश की हत्या के बाद गांव में डर और आक्रोश का माहौल है। लोग यह सोचकर सहमे हुए हैं कि दोस्ती की आड़ में कोई इतना बड़ा अपराध कैसे कर सकता है। गांव के बुजुर्गों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं समाज के लिए बेहद खतरनाक संकेत हैं। परिजन और ग्रामीण आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

अंतिम संस्कार और परिजनों का दर्द

पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। गांव में गमगीन माहौल के बीच अखिलेश का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान हर आंख नम थी। मां बार-बार बेहोश हो जा रही थी और पिता अपने बेटे की तस्वीर को सीने से लगाकर रोते नजर आए। परिवार का कहना है कि उन्हें अब किसी भी कीमत पर इंसाफ चाहिए।

पुलिस का दावा, जल्द होगा खुलासा

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है और जल्द ही इस जघन्य हत्याकांड का पूरा सच सामने लाया जाएगा। पुलिस का दावा है कि आरोपी ज्यादा दिन कानून से बच नहीं पाएगा और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया है कि हत्या के पीछे की असली वजह क्या थी, इसका भी खुलासा किया जाएगा।

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