कपड़े उतरवाए, कनपटी पर पिस्टल रखी… लखनऊ में 16 साल के नाबालिग को अगवा कर की हैवानियत, 5 लाख की फिरौती और बेरहमी का VIDEO वायरल



लखनऊ में 16 वर्षीय नाबालिग का अपहरण कर निर्वस्त्र किया गया, पिस्टल से धमकाया गया और 5 लाख की फिरौती मांगी गई।


लखनऊ में दिल दहला देने वाली वारदात, नाबालिग के साथ दरिंदगी से कांपी राजधानी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने न सिर्फ इंसानियत को शर्मसार किया है बल्कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तालकटोरा थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग युवक का अपहरण कर उसके साथ जिस तरह की बर्बरता की गई, वह किसी भी संवेदनशील समाज को झकझोरने के लिए काफी है। दबंगों ने नाबालिग को चार पहिया वाहन में जबरन बैठाया, उसे निर्वस्त्र किया, बेरहमी से पीटा और उसकी कनपटी पर अवैध पिस्टल लगाकर जान से मारने की धमकी दी।

रात के अंधेरे में हुआ अपहरण, घर लौटने से पहले ही उठाया गया नाबालिग

पीड़ित परिवार के अनुसार, यह घटना 31 दिसंबर की रात करीब दो बजे की है। नाबालिग युवक राजाजीपुरम इलाके का रहने वाला है और किसी निजी काम से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे दबंगों ने उसे निशाना बनाया। चार पहिया वाहन में आए आरोपियों ने युवक को जबरन पकड़ लिया और गाड़ी में डालकर फरार हो गए। अपहरण के वक्त आसपास कोई मदद के लिए नहीं आया, जिससे दबंगों के हौसले और भी बुलंद हो गए।

गाड़ी के अंदर कपड़े उतरवाकर की गई हैवानियत

अपहरण के बाद नाबालिग को गाड़ी के अंदर ही निर्वस्त्र कर दिया गया। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी किस तरह युवक के कपड़े उतरवा रहे हैं और लगातार उसे अपशब्द कहते हुए पीट रहे हैं। नाबालिग हाथ जोड़कर रहम की भीख मांगता रहा, लेकिन दबंगों के दिल पर कोई असर नहीं पड़ा। लात-घूंसों और थप्पड़ों से युवक को अधमरा कर दिया गया।

कनपटी पर पिस्टल रखकर दी गई जान से मारने की धमकी

हैवानियत की सारी हदें तब पार हो गईं, जब आरोपियों ने नाबालिग की कनपटी पर अवैध पिस्टल रख दी। उसे बार-बार कहा गया कि अगर परिवार ने पैसे नहीं दिए तो उसकी लाश भी नहीं मिलेगी। डर और दहशत में डूबा नाबालिग लगातार रोता रहा और अपनी जान की गुहार लगाता रहा। यह पूरी बर्बरता किसी फिल्मी सीन जैसी नहीं, बल्कि हकीकत थी, जो कैमरे में कैद हो गई।

5 लाख रुपये की फिरौती, परिवार से की गई धमकी भरी मांग

पीड़ित परिवार का आरोप है कि अपहरण के दौरान और बाद में आरोपियों ने 5 लाख रुपये की फिरौती की मांग की। धमकी दी गई कि अगर पैसे नहीं मिले तो नाबालिग को जान से मार दिया जाएगा। परिवार पहले तो डर और सदमे में आ गया, लेकिन जैसे-तैसे साहस जुटाकर पुलिस के पास पहुंचा। हालांकि, परिजनों का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।

सुबह छोड़ दिया गया नाबालिग, मानसिक और शारीरिक रूप से टूटा

करीब चार से पांच घंटे तक बंधक बनाए रखने के बाद आरोपियों ने सुबह करीब छह से सात बजे के बीच नाबालिग को छोड़ दिया। जब युवक घर पहुंचा तो उसकी हालत बेहद खराब थी। शरीर पर चोटों के गहरे निशान थे और मानसिक रूप से वह पूरी तरह टूट चुका था। परिवार ने तुरंत उसे संभाला और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।

वायरल वीडियो ने खोली दबंगों की पोल

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से तूल पकड़ने लगा। वीडियो में साफ दिख रहा है कि किस तरह नाबालिग को निर्वस्त्र कर पीटा जा रहा है। दबंगों के चेहरे, उनकी भाषा और उनकी क्रूरता सब कुछ कैमरे में कैद है। वीडियो वायरल होते ही आम लोगों में गुस्सा फैल गया और पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे।

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई संगीन मुकदमे

पीड़ित परिवार का आरोप है कि मुख्य आरोपी इशू यादव और अनुज दीक्षित पहले से ही आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। इनके खिलाफ पहले भी कई संगीन आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके बावजूद खुलेआम घूमते हुए उन्होंने नाबालिग के साथ इतनी बड़ी वारदात को अंजाम दिया, जो स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगाता है।

तालकटोरा थाने में दी गई तहरीर, गिरफ्तारी अब तक नहीं

परिजनों ने तालकटोरा थाने में लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिवार का कहना है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इससे पीड़ित परिवार में डर और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

नाबालिग की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरे मामले ने एक बार फिर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजधानी जैसे शहर में अगर नाबालिग सुरक्षित नहीं हैं, तो बाकी इलाकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। परिवार का कहना है कि उनका बेटा अब डर के साए में जी रहा है और मानसिक आघात से बाहर नहीं आ पा रहा है।

कानून व्यवस्था पर फिर खड़े हुए सवाल

इस घटना के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सवाल यह है कि जिन आरोपियों पर पहले से मुकदमे दर्ज हैं, वे इतनी बड़ी वारदात करने के बाद भी खुलेआम क्यों घूम रहे हैं। वायरल वीडियो के बावजूद कार्रवाई में देरी क्यों हो रही है, यह सवाल आम लोगों को परेशान कर रहा है।

सोशल मीडिया पर जनता का गुस्सा, सख्त कार्रवाई की मांग

वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने इसे जंगलराज करार देते हुए पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो अपराधियों के हौसले और बढ़ेंगे।

पीड़ित परिवार की मांग, मिले कड़ी सजा

पीड़ित नाबालिग के परिजनों का कहना है कि वे सिर्फ न्याय चाहते हैं। उनका आरोप है कि अगर पुलिस ने शुरुआत में ही सख्ती दिखाई होती तो शायद दबंग इतने बेखौफ न होते। परिवार ने मांग की है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई और नाबालिग इस तरह की दरिंदगी का शिकार न बने।

इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना

लखनऊ की यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि इंसानियत पर धब्बा है। एक नाबालिग के साथ की गई यह बर्बरता समाज के लिए चेतावनी है कि अगर अपराधियों पर समय रहते लगाम नहीं लगी, तो हालात और भी भयावह हो सकते हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है।

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