दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा खुलासा, ATS ने डॉ. शाहीन शाहिद के भाई डॉ. परवेज अंसारी को लखनऊ से हिरासत में लिया।
दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ा मोड़: डॉक्टरों के नेटवर्क की गुत्थी सुलझने लगी
दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में जांच ने नया रुख पकड़ लिया है। फरीदाबाद से गिरफ्तार लेडी डॉक्टर शाहीन शाहिद के बाद अब उनका छोटा भाई डॉ. परवेज अंसारी भी ATS के शिकंजे में आ गया है। बताया जा रहा है कि परवेज लखनऊ की इंटीग्रल यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर था और उसने एक हफ्ते पहले ही इस्तीफा दिया था। यह इस्तीफा अब संदिग्ध माना जा रहा है क्योंकि उसी समय दिल्ली धमाके की तैयारी जोरों पर थी
सुबह-सुबह लखनऊ में ATS का छापा, ताला तोड़कर मिलीं अहम चीजें
मंगलवार सुबह करीब आठ बजे लखनऊ के मड़ियांव क्षेत्र में IIM रोड स्थित मुतक्कीपुर इलाके में यूपी ATS, जम्मू-कश्मीर पुलिस और लखनऊ पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। टीम ने डॉ. परवेज अंसारी के घर का ताला तोड़कर तलाशी ली। घर में कोई मौजूद नहीं था, लेकिन सघन तलाशी के दौरान कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान मिले। इनमें एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन और एक काला बैग शामिल था जिसमें संदिग्ध दस्तावेज मिले हैं। पुलिस को शक है कि इन दस्तावेजों में आतंकी नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारियां छिपी हो सकती हैं
फरीदाबाद मॉड्यूल से लखनऊ तक फैला ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी नेटवर्क
ATS सूत्रों के मुताबिक, डॉ. परवेज की कार सहारनपुर RTO में रजिस्टर्ड है, और वहीं से गिरफ्तार डॉ. आदिल अहमद का कनेक्शन भी सामने आया है। आदिल को जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े पोस्टर और संदिग्ध गतिविधियों के मामले में 7 नवंबर को हिरासत में लिया गया था। अब जांच एजेंसियों को शक है कि फरीदाबाद से लेकर लखनऊ तक एक ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकी मॉड्यूल फैला हुआ है, जिसमें शिक्षित लोग अपना चेहरा छिपाकर आतंकी संगठनों के लिए काम कर रहे हैं
डॉ. शाहीन शाहिद और पाकिस्तान के आतंकी संगठन JeM का लिंक
फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर रह चुकी डॉ. शाहीन शाहिद को हाल ही में गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि उसका संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) और अंसार गजवात-उल-हिंद (AGuH) से है। बताया जा रहा है कि उसे JeM की महिला शाखा ‘जमात-उल-मोमिनात’ की भारत इकाई स्थापित करने की जिम्मेदारी दी गई थी, जिसे पाकिस्तान में मसूद अजहर की बहन सादिया अजहर संचालित करती है। डॉ. शाहीन पर आरोप है कि वह भारत में JeM के नेटवर्क को शिक्षा संस्थानों की आड़ में विस्तार दे रही थी
डॉ. शाहीन और कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल का कनेक्शन
सूत्रों के मुताबिक, शाहीन का कश्मीरी डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई से नज़दीकी संबंध था। मुजम्मिल को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया था और वह भी इस मॉड्यूल का अहम हिस्सा माना जा रहा है। दोनों की बातचीत के कई रिकॉर्ड ATS और NIA के हाथ लगे हैं। जांच में यह भी पाया गया कि शाहीन और मुजम्मिल देश के कई हिस्सों में युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस नेटवर्क में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन क्लासेज के जरिए भर्ती की रणनीति बनाई गई थी
एक हफ्ते पहले नौकरी छोड़ने का क्या था मकसद?
डॉ. परवेज अंसारी ने अपनी यूनिवर्सिटी से इस्तीफा एक हफ्ते पहले ही दिया था। इंटीग्रल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने इस बात की पुष्टि की, लेकिन किसी प्रकार की टिप्पणी से इंकार कर दिया। अब एजेंसियों को शक है कि इस्तीफा किसी बड़ी साजिश का हिस्सा था। सूत्रों का कहना है कि दिल्ली धमाके की योजना इसी अवधि में अंतिम रूप दी गई थी। दिल्ली में हुए धमाके में 10 लोगों की मौत और कई घायल हुए थे। फॉरेंसिक रिपोर्ट में पाया गया कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट और हेक्सोज़ीन जैसे विस्फोटकों का प्रयोग किया गया था
पिता का बयान: ‘बेटी से एक महीने पहले बात हुई थी’
डॉ. शाहीन शाहिद और डॉ. परवेज के पिता सईद अहमद अंसारी ने मीडिया से कहा, “मुझे यकीन नहीं होता कि मेरी बेटी ऐसे किसी काम में शामिल हो सकती है। शाहीन से एक महीने पहले बात हुई थी, वह सामान्य लग रही थी। परवेज से तो हफ्ते में बात होती है, उसने कभी कोई संदिग्ध बात नहीं की।” परिवार का कहना है कि उन्हें इस पूरे प्रकरण की जानकारी सिर्फ खबरों के जरिए मिली
कश्मीर, हरियाणा, यूपी और दिल्ली में फैला नेटवर्क
जांच एजेंसियों के अनुसार, यह नेटवर्क जम्मू-कश्मीर से लेकर दिल्ली तक फैला हुआ है। फरीदाबाद में बरामद 2900 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट इसी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है। ATS और NIA की टीमें अब बैंक ट्रांजेक्शन, कॉल डिटेल्स और यात्राओं की जांच कर रही हैं। ऐसा माना जा रहा है कि आतंकी फंडिंग के लिए हवाला चैनल का उपयोग किया जा रहा था। कई खातों से पाकिस्तान और खाड़ी देशों से फंडिंग के संकेत भी मिले हैं। जांच एजेंसियां साइबर ट्रेल का विश्लेषण कर रही हैं ताकि विदेशी कनेक्शन स्पष्ट हो सके
दिल्ली धमाके के बाद देशभर में हाई अलर्ट
दिल्ली ब्लास्ट के बाद राजधानी समेत कई राज्यों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। यूपी DGP राजीव कृष्णा ने कहा कि संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल बढ़ा दिया गया है। लखनऊ, फरीदाबाद और सहारनपुर में अतिरिक्त सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। केंद्र सरकार ने भी ATS और NIA की संयुक्त टीमों को जांच का दायरा बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने दिल्ली मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सघन चेकिंग शुरू की है
‘डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल’: एजेंसियों की बढ़ी चिंता
यह मामला अब ‘डॉक्टरों का आतंकी मॉड्यूल’ कहलाने लगा है क्योंकि इसमें शामिल कई आरोपी उच्च शिक्षित और प्रोफेशनल पृष्ठभूमि से हैं। जांच एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि क्या इस नेटवर्क का इस्तेमाल शिक्षा संस्थानों में प्रचार और भर्ती के लिए किया जा रहा था। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ट्रेंड सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है क्योंकि ‘व्हाइट कॉलर’ आतंकवाद अब टेक्नोलॉजी और शिक्षा की आड़ में पनप रहा है
आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां संभव
ATS, NIA और दिल्ली पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। दिल्ली, लखनऊ, सहारनपुर और फरीदाबाद में अब तक 9 संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। जांचकर्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होंगी। केंद्र और राज्य एजेंसियों के बीच लगातार समन्वय बैठकों का दौर जारी है ताकि किसी भी आतंकी गतिविधि को जड़ से खत्म किया जा सके
जांच ने खोले शिक्षित आतंक के नए चेहरे
दिल्ली ब्लास्ट केस ने इस बार एक नए खतरे की ओर इशारा किया है—जहां शिक्षित, पेशेवर वर्ग के लोग भी चरमपंथी विचारधारा में फंसते जा रहे हैं। डॉ. शाहीन और डॉ. परवेज का मामला दिखाता है कि आतंकवाद अब सिर्फ बंदूक नहीं, बल्कि दिमाग से भी लड़ा जा रहा है। एजेंसियों के लिए यह चुनौती है कि ऐसे ‘इंटेलेक्चुअल मॉड्यूल’ को समय रहते बेनकाब किया जाए.


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