दिल्ली ब्लास्ट के बाद नेपाल सीमा हाई अलर्ट, बहराइच में पाकिस्तानी डॉक्टर समेत दो गिरफ्तार. एसएसबी और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई।
नेपाल बॉर्डर से घुसपैठ की कोशिश में पकड़े गए पाकिस्तानी डॉक्टर और महिला साथी: दिल्ली ब्लास्ट के बाद बहराइच में हाई अलर्ट से बड़ी सफलता
दिल्ली ब्लास्ट के बाद नेपाल सीमा पर सुरक्षा कड़ी, बहराइच में गुप्त मूवमेंट पर खुफिया एजेंसियों की नजर
दिल्ली के लाल किले के पास हुए भीषण कार ब्लास्ट के बाद पूरे उत्तर भारत में सुरक्षा को लेकर उच्च सतर्कता बरती जा रही है। इस विस्फोट में कई लोगों की मौत और 30 से अधिक लोग घायल हुए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्र, खासकर नेपाल सीमा से लगे जिलों में कड़ा पहरा बढ़ा दिया। बहराइच जिला, जो नेपाल सीमा से सटा हुआ है, अचानक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया। गुप्त इनपुट के बाद यहां सक्रिय पुलिस और SSB की टीमें लगातार सीमा पर हर मूवमेंट को ट्रैक कर रही थीं। इसी कड़ी में हुई चेकिंग के दौरान एक ऐसा खुलासा हुआ, जिसने जांच एजेंसियों को सतर्क कर दिया। नेपाल के रास्ते भारत में घुसने की कोशिश कर रहे दो विदेशी नागरिक पकड़े गए, जिनमें से एक पाकिस्तानी मूल का डॉक्टर है। दूसरा गिरफ्तार व्यक्ति महिला चिकित्सक है।
नेपाल से भारतीय सीमा में दाखिल होते ही गिरफ्त में आए विदेशी नागरिक, सुरक्षा अधिकारियों में हलचल
शुक्रवार की शाम जब सीमा पर नियमित सघन तलाशी अभियान चल रहा था, तभी नेपाल की ओर से आते हुए दो लोग संदिग्ध परिस्थितियों में भारतीय सीमा में कदम रखते पकड़े गए। चेकिंग के दौरान उनके दस्तावेज और मूवमेंट संदेहास्पद पाए गए। पूछताछ में खुलासा हुआ कि पकड़ा गया पुरुष पाकिस्तानी मूल का नागरिक है, जबकि महिला दक्षिण भारत के कर्नाटक की रहने वाली है। दोनों के वर्तमान पते यूनाइटेड किंगडम (यूके) के बताए गए हैं। इस पर सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मच गई, क्योंकि दिल्ली ब्लास्ट के तुरंत बाद नेपाल सीमा से पाकिस्तानी नागरिक का पकड़ा जाना बड़ा संकेत माना जा रहा है। दोनों को तुरंत हिरासत में लेकर अलग-अलग पूछताछ की गई, ताकि उनके भारत आने के उद्देश्य और उनकी वास्तविक पहचान से जुड़े किसी भी शक को दूर किया जा सके।
गिरफ्तार पाकिस्तानी डॉक्टर की पहचान हसन अम्मान सलीम के रूप में हुई, यूके के मैनचेस्टर में मौजूदा निवास का दावा
जांच के दौरान पुरुष आरोपी ने अपना नाम हसन अम्मान सलीम बताया। वह मूल रूप से पाकिस्तान का निवासी है, लेकिन फिलहाल ब्रिटेन के मैनचेस्टर के डलमार्टन रोड पर रहने का दावा करता है। उसके दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि उसकी नागरिकता, यात्रा इतिहास और पिछले वर्षों में उसके मूवमेंट की पुष्टि की जा सके। सुरक्षा एजेंसियां इस बात की भी जांच कर रही हैं कि क्या वह पाकिस्तान के किसी संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा था, या अचानक नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने की उसकी कोशिश किसी बड़ी योजना का हिस्सा थी। एजेंसियां हसन की मेडिकल प्रोफेशन की भी गहन जांच कर रही हैं, क्योंकि अक्सर ऐसे मामलों में पेशे का उपयोग पहचान छुपाने के लिए भी किया जाता है।
महिला चिकित्सक की पहचान सुमित्रा शकील ओलीबिया के रूप में, कर्नाटक मूल लेकिन वर्तमान पता यूके का
दूसरी गिरफ्तारी सुमित्रा शकील ओलीबिया की हुई, जो मूल रूप से कर्नाटक के उडुपी क्षेत्र की रहने वाली बताई जा रही है। उसका वर्तमान पता ग्लॉस्टर, यूके दर्ज है। दोनों एक-दूसरे के साथ क्यों यात्रा कर रहे थे, नेपाल तक कैसे पहुंचे, और भारत आने की उनकी मंशा क्या थी, इन सभी पहलुओं पर जांच एजेंसियां कई कोणों से काम कर रही हैं। दोनों के पास मौजूद दस्तावेजों, मोबाइल फोन, यात्राओं का रिकॉर्ड, और नेपाल में उनके ठहरने से जुड़ी जानकारियों का भी विश्लेषण किया जा रहा है। महिला का भी मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा होना सुरक्षा एजेंसियों के संदेह को और गहरा करता है, क्योंकि विदेशी डॉक्टरों का बिना अनुमति भारत आना या नेपाल सीमा का गुप्त रास्ता चुनना सामान्य बात नहीं।
SSB और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई से मिली सफलता, दिल्ली के धमाके के बाद बढ़ाई गई थी चौकसी
दिल्ली ब्लास्ट के बाद सुरक्षा एजेंसियों को यह इनपुट मिला था कि नेपाल मार्ग का उपयोग कर कुछ लोग भारत में प्रवेश करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी वजह से बहराइच, श्रावस्ती, पीलीभीत और महराजगंज जैसे जिलों में एसएसबी और पुलिस की टीमें लगातार संयुक्त तलाशी अभियान चला रही थीं। शुक्रवार को सीमा पर जब चेकिंग चल रही थी, तभी दोनों विदेशी नागरिकों को संदिग्ध व्यवहार के चलते रोक लिया गया। उनके पास मौजूद दस्तावेजों की सख्ती से जांच की गई और पूछताछ के दौरान कई विरोधाभासी बातें सामने आईं। इनका भारत आने का स्पष्ट मकसद सामने न आने पर उन्हें तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।
थानाध्यक्ष रमेश रावत ने दी गिरफ्तारी की पुष्टि, विदेशी अधिनियम में दर्ज हुआ केस
थानाध्यक्ष रमेश रावत ने बताया कि दोनों विदेशी नागरिकों को विदेशी अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। पकड़े गए दोनों के दस्तावेजों की वैधता, प्रवेश का उद्देश्य और नेपाल से सीमा पार करने के कारणों की जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि दिल्ली ब्लास्ट के बाद मिले इनपुट के चलते चौकसी पहले से ही बढ़ा दी गई थी, और इस सघन चेकिंग अभियान की वजह से दोनों को पकड़ा जा सका। जांच टीम में एसएसबी के पार्टी कमांडर जगतदास, रानी कुमारी, टी. यमुना और ज्योति सिंह शामिल रहे, जिन्होंने सीमावर्ती क्षेत्र में लगातार सतर्कता बनाए रखते हुए इन विदेशी नागरिकों को पकड़कर बड़ा काम किया।
नेपाल से भारतीय सीमा में आने का चुनाव क्यों? सुरक्षा एजेंसियां कई एंगल से कर रहीं जांच
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों विदेशी नागरिक भारत के किसी एयरपोर्ट, वैध इंट्री पॉइंट या वीसा प्रक्रिया का उपयोग क्यों नहीं कर रहे थे। नेपाल से भारत में बिना परमिट या उचित दस्तावेजों के प्रवेश करने की कोशिश गंभीर साजिश की ओर संकेत कर सकती है। अक्सर खुफिया रिपोर्टों में बताया जाता है कि कई विदेशी नागरिक नेपाल के खुले बॉर्डर का फायदा उठाकर भारत में दाखिल होने की कोशिश करते हैं, और यह मामला भी इसी पैटर्न जैसा लग रहा है। सुरक्षा टीमें उनके डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच कर रही हैं, ताकि किसी नेटवर्क, संपर्क या एन्क्रिप्टेड चैट के संकेत मिल सकें। यह भी जांच का विषय है कि दोनों ने नेपाल में किन लोगों से संपर्क किया और वहाँ कितने दिनों तक ठहराव किया।
दिल्ली ब्लास्ट के बाद पंजाब, यूपी और हरियाणा में भी अलर्ट, खुफिया एजेंसियां निगरानी तेज कर चुकी हैं
दिल्ली ब्लास्ट के बाद देशभर की सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। आतंकवादी गतिविधियों की संभावना, ISI के नेटवर्क, स्लीपर सेल और नेपाल मार्ग का उपयोग करने वाले संदिग्धों को लेकर गहन जांच चल रही है। उत्तर प्रदेश, खासकर तराई क्षेत्र, नेपाल की खुली सीमा की वजह से हमेशा संवेदनशील माना जाता है। इस घटना के बाद यहां चौकसी और बढ़ा दी गई है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नेपाल सीमा से प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति पर बारीकी से निगरानी जारी है। खुफिया विभाग ने यह भी संकेत दिए थे कि दिल्ली धमाके के बाद कुछ संदिग्ध उत्तर दिशा की ओर भागने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए भी यह पकड़ बड़ी सफलता मानी जा रही है।
गिरफ्तार विदेशी नागरिकों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, जांच जारी
शनिवार शाम दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। अब आगे की जांच न्यायिक प्रक्रिया के साथ-साथ सुरक्षा और एंटी-टेरर एजेंसियों द्वारा जारी रहेगी। दोनों के भी डिजिटल ट्रेल, उनके पूर्व यात्रा रेकॉर्ड, नेपाल में उनके संभावित संपर्क, और दिल्ली ब्लास्ट से किसी भी प्रकार के कनेक्शन की गहराई से जांच की जाएगी।
बहराइच के लोग दहशत में, सीमावर्ती जिलों में बढ़ाई गई निगरानी, सुरक्षा एजेंसियों की लगातार पैनी नजर
इस पूरे घटनाक्रम ने बहराइच के लोगों को भी सतर्क कर दिया है। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात एसएसबी जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और गांवों में भी जागरूकता बढ़ाई जा रही है। प्रशासन का कहना है कि नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं, लेकिन संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना देना अत्यंत आवश्यक है। दिल्ली ब्लास्ट के बाद जारी हाई अलर्ट अभी कुछ और दिनों तक जारी रहने की संभावना है।


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