बरेली हिंसा के बाद एक्शन! बीडीए ने मौलाना तौकीर रजा के करीबी आरिफ की 17 अवैध दुकानें सील कीं। ₹500 करोड़ से अधिक की संपत्ति पर कार्रवाई।
बरेली में अवैध निर्माणों पर बड़ा एक्शन: तौकीर रजा के करीबी की 17 दुकानें सील, ₹500 करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी पर कार्रवाई
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में 26 सितंबर को हुई हिंसा के बाद से ही प्रशासन की सख्ती लगातार जारी है। इस कड़ी में, बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने मौलाना तौकीर रजा के एक और करीबी, बताए जा रहे आरिफ की अवैध संपत्तियों पर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को बीडीए की टीम ने पीलीभीत रोड और जगतपुर इलाके में स्थित आरिफ की कुल 17 दुकानों को सील कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि ये सभी निर्माण बिना नक्शा पास कराए किए गए थे, जिसके चलते नियमानुसार यह एक्शन लिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
पीलीभीत रोड पर शोरूम और जिम सील
बीडीए टीम ने सबसे पहले पीलीभीत रोड स्थित आरिफ की उस बिल्डिंग को निशाना बनाया, जो फ्लोरा गार्डन के पास है। इस बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर एक प्रतिष्ठित ब्रांड पीटर इंग्लैंड का शोरूम और ऊपरी हिस्से में एक जिम संचालित हो रहा था। बीडीए अधिकारियों के अनुसार, इस पूरे ढांचे का नक्शा प्राधिकरण से कभी स्वीकृत नहीं हुआ था। नियमों के उल्लंघन के चलते टीम ने तुरंत इन दोनों परिसरों पर ताले लगवा दिए। अधिकारियों का दावा है कि आरिफ को पहले भी इस संबंध में चेतावनी दी गई थी, लेकिन उनकी तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया, जिसके बाद यह कठोर कार्रवाई की गई है।
जगतपुर मार्केट में 15 दुकानें सील, करोड़ों का नुकसान
पीलीभीत रोड की कार्रवाई के बाद बीडीए की टीम थाना बरादरी क्षेत्र के जगतपुर मोहल्ले पहुंची, जहां आरिफ की दो मंजिला मार्केट स्थित है। बताया जा रहा है कि लगभग 1200 स्क्वायर फीट में बने इस मार्केट में कुल 15 दुकानें थीं। मार्केट की अनुमानित कीमत करीब ₹5 करोड़ आंकी गई है, जहां एक-एक दुकान की कीमत लगभग ₹30 से ₹35 लाख बताई जा रही है। टीम ने यहां भी सभी 15 दुकानों को सील कर दिया। बीडीए के ओएसडी अजीत सिंह ने पुष्टि की है कि शनिवार को कुल 17 दुकानों पर सील लगाई गई है और अवैध निर्माणों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
दुकानदारों में आक्रोश: बिना नोटिस सीलिंग, सामान फंसा
बीडीए की इस कार्रवाई से जहां प्रशासन सख्त संदेश देने की कोशिश कर रहा है, वहीं प्रभावित दुकानदारों में भारी नाराजगी और आक्रोश देखने को मिला। कई व्यापारियों ने विरोध जताते हुए कहा कि बीडीए ने उन्हें कोई पूर्व नोटिस नहीं दिया और न ही उन्हें अपना कीमती सामान दुकान से बाहर निकालने का मौका दिया गया। व्यापारियों ने यह भी बताया कि आरिफ ने इन दुकानों में से 13 को पहले ही बेच दिया था, और वे अपनी मेहनत की कमाई से ये दुकानें खरीदकर कारोबार कर रहे थे। एक व्यापारी ने सवाल किया कि यदि मालिक पर कार्रवाई हो रही है, तो इसमें निर्दोष खरीदारों का क्या कसूर? उन्होंने कम से कम नोटिस देकर सामान निकालने का समय देने की मांग की है।
हिंसा के बाद ₹500 करोड़ से अधिक की प्रॉपर्टी पर एक्शन
बरेली में 26 सितंबर की हिंसा के बाद से प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। इस बड़ी कार्रवाई से पहले भी मौलाना तौकीर रजा के करीबियों की संपत्तियों पर कठोर कदम उठाए जा चुके हैं। इससे पहले आरिफ के फ्लोरा गार्डन और फहम लॉन को सील किया गया था, जबकि तौकीर रजा के दूसरे करीबी नफीस के बारात घर पर बुलडोजर चल चुका है। प्रशासन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, हिंसा के बाद से अब तक करीब ₹500 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों को या तो सील किया गया है या उन पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई है। मौलाना तौकीर रजा समेत अब तक कुल 104 लोगों को हिंसा के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी अवैध निर्माणों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
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