Raja Raghuvanshi Murder Case: जेल में बंद सोनम रघुवंशी की दादी की मौत, पोती की करतूत से सदमे में टूटा परिवार!


राजा रघुवंशी हत्याकांड में जेल में बंद सोनम रघुवंशी की दादी गंगोटी बाई की सदमे में मौत, परिवार में छाया मातम

मध्य प्रदेश में गूंजा राजा रघुवंशी हत्याकांड का साया

मध्य प्रदेश के इंदौर से जुड़े बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक और दुखद खबर सामने आई है। इस केस में जेल में बंद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की दादी, गंगोटी बाई का निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी मौत का कारण गहरा सदमा था, जो उन्हें अपनी पोती की करतूतों के बारे में पता चलने के बाद लगा। परिवार इस घटना से पूरी तरह टूट चुका है और अब घर में सिर्फ मातम का माहौल है।

गंगोटी बाई की मौत ने गहरा दिया केस का दर्द

गंगोटी बाई का नाम भले ही केस में प्रत्यक्ष रूप से शामिल न हो, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने उन्हें मानसिक रूप से तोड़ दिया था। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, जब उन्हें सोनम के खिलाफ दर्ज गंभीर आरोपों की सच्चाई का अहसास हुआ, तो वह भीतर से टूट गईं। शुक्रवार को उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया।

पहले राज कुशवाहा की दादी भी सदमे में गई थीं

यह पहला मौका नहीं है जब इस हत्याकांड से जुड़े आरोपी के परिवार में किसी बुजुर्ग की मौत हुई हो। इससे पहले, इसी केस में आरोपी और सोनम के प्रेमी, राज कुशवाहा की दादी का भी निधन हो चुका है। 18 जून को आई इस खबर ने दोनों परिवारों को हिला कर रख दिया था। बताया गया कि राज की दादी भी अपने पोते की करतूतें सुनकर गहरे सदमे में चली गई थीं और यह सदमा उनकी जान ले गया।

रक्षाबंधन पर बदल गया गोविंद का सफर

सोनम का भाई गोविंद रक्षाबंधन के अवसर पर शिलांग जाने वाला था, लेकिन दादी के निधन ने उसका कार्यक्रम बदल दिया। पारिवारिक सूत्रों का कहना है कि गोविंद पहले भी शिलांग गया था, जहां वकीलों से मुलाकात हुई थी। बताया गया कि वहां राजा रघुवंशी के भाई को भी उसकी मौजूदगी की खबर मिली थी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि गोविंद वहां सोनम की जमानत के लिए प्रयास करने गया था या किसी और कारण से।

जमानत की कोशिशें और कोर्ट का सख्त रुख

कुछ दिन पहले सोनम और उसके प्रेमी राज कुशवाहा की जमानत अर्जी उनके वकील की ओर से कोर्ट में लगाई गई थी। दोनों की उम्मीद थी कि उन्हें राहत मिल जाएगी, लेकिन कोर्ट ने इनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। इससे पहले इसी केस में तीन अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी थी, जिसमें इंदौर का शिलाम जेम्स और ग्वालियर के दो लोग शामिल थे। शिलाम पर सबूत छिपाने का आरोप था, जबकि सोनम और राज पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है।

भाई को थी उम्मीद, पर टूटी आस

सोनम के भाई को उम्मीद थी कि अगर सबूत छिपाने वाले को जमानत मिल सकती है, तो हत्या की साजिश के आरोपी भी बाहर आ सकते हैं। यही वजह थी कि शुरुआत में उसने वकील से इस मामले में बात करने का मन बनाया था, लेकिन कोर्ट के सख्त रुख ने उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

राजा रघुवंशी हत्याकांड: कैसे हुआ था वारदात का सिलसिला

राजा रघुवंशी, इंदौर के एक जाने-माने कारोबारी थे। पुलिस जांच के अनुसार, कारोबारी की हत्या एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थी। इसमें सोनम रघुवंशी और उसका प्रेमी राज कुशवाहा मुख्य आरोपी के रूप में सामने आए। पुलिस का दावा है कि दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई और इसे अंजाम देने के लिए अन्य लोगों की मदद ली।

जेल के पीछे जिंदगी और टूटते रिश्ते

सोनम और राज की गिरफ्तारी के बाद से दोनों परिवार लगातार तनाव में हैं। बुजुर्गों की मौत, जमानत याचिकाओं का खारिज होना और केस की तारीखों के बीच खिंचते रिश्ते अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं।

परिवार पर गहरा मानसिक दबाव

दोनों परिवारों के लिए यह केस सिर्फ कानूनी लड़ाई नहीं बल्कि एक मानसिक संघर्ष बन चुका है। बुजुर्गों का चले जाना, रिश्तों में आई दरारें और समाज में बनी नकारात्मक छवि, सबने मिलकर इस मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

अब देखने वाली बात यह होगी कि आने वाले समय में कोर्ट इस केस की सुनवाई में क्या रुख अपनाता है। फिलहाल सोनम और राज जेल में हैं और उनके परिजन लगातार नए कानूनी विकल्पों की तलाश में हैं।

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