बदलापुर रोडवेज बस अड्डा पहली बारिश में धंसा, टूटी बाउंड्रीवाल और धंस गई इंटरलॉकिंग; करोड़ों की लागत पर घटिया निर्माण का खुलासा
इंद्रेश तिवारी की रिपोर्ट
बदलापुर रोडवेज बस अड्डे का सच: पहली बारिश में टूटा करोड़ों का सपना
जौनपुर जिले के बदलापुर कस्बे के सरोखनपुर गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बना नया रोडवेज बस अड्डा पहली ही बारिश में ध्वस्त होने लगा। गुरुवार रात हुई मूसलाधार बारिश ने निर्माण की गुणवत्ता की पोल खोल दी। नवनिर्मित इंटरलॉकिंग फर्श धंस गई और परिसर के बीच बने तालाब की दीवारें दरककर लटक गईं।
उद्घाटन के सात महीने बाद ही बर्बादी के हालात
इस बस अड्डे का उद्घाटन परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने 8 दिसंबर 2024 को किया था। पांच करोड़ 54 लाख 60 हजार रुपये की लागत से तैयार यह परियोजना अब उद्घाटन के महज सात महीने बाद ही बदहाली का शिकार है। अभी तक यहां से नियमित बस संचालन भी शुरू नहीं हो सका है।
मूसलाधार बारिश ने उखाड़ दी पोल
गुरुवार शाम से शुरू हुई तेज बारिश ने रातभर में ही बस अड्डे की स्थिति बिगाड़ दी। दक्षिण और पूर्व दिशा की पूरी बाउंड्रीवाल धंसकर लटक गई, जिससे बस चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। परिसर के कई हिस्सों में जमीन धंसने से यह आशंका बनी हुई है कि किसी भी समय बसें फंस सकती हैं।
लाखों के उपकरण भी हुए बेकार
बस अड्डे में लगे करीब एक दर्जन पंखे, जालियां और सबमर्सिबल की फर्श भी धंस गई है। यह साफ दर्शाता है कि निर्माण में भारी लापरवाही और भ्रष्टाचार हुआ है। चहारदीवारी के किनारे-किनारे कई जगह मिट्टी खिसक चुकी है, जिससे पूरी संरचना खतरे में है।
यात्रियों और चालकों के लिए बना खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि तुरंत मरम्मत और मजबूती का काम नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में यह जगह हादसों का केंद्र बन सकती है। बस अड्डे के संचालन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं, जिससे यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।


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