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48 घंटे की मोहलत क्यों? केजरीवाल के इस्तीफे पर BJP का तंज, AAP पर तीखे हमले!



केजरीवाल के 48 घंटे इस्तीफा ड्रामा पर बीजेपी ने उठाए सवाल। सुधांशु त्रिवेदी बोले, "क्या सेटल करना है?" AAP पर भ्रष्टाचार के आरोप।


दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के 48 घंटे में इस्तीफा देने की घोषणा ने राजनीतिक हलकों में एक नई बहस छेड़ दी है। बीजेपी ने केजरीवाल के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए तीखे हमले किए हैं। बीजेपी के प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने पूछा कि आखिर केजरीवाल को इस्तीफा देने के लिए 48 घंटे की मोहलत क्यों चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "क्या इन 48 घंटों में केजरीवाल कुछ सेटल करना चाहते हैं? अगर वो किसी भी सरकारी फाइल पर साइन नहीं कर सकते, तो फिर उन्हें इस समय की आवश्यकता क्यों है?"

सुधांशु त्रिवेदी ने इसे एक राजनीतिक चाल बताते हुए कहा कि अगर केजरीवाल इस्तीफा देना चाहते थे, तो जेल में ही क्यों नहीं दिया। जेल से बाहर आकर इस्तीफे की बात करना लोगों को भ्रमित करने की रणनीति हो सकती है। उन्होंने कहा कि सीएम पद छोड़ने का मतलब है कि केजरीवाल ने अपने भ्रष्टाचार को स्वीकार कर लिया है।

"भगत सिंह की आत्मा कष्ट में होगी"

सुधांशु त्रिवेदी ने यह भी कहा कि केजरीवाल की शराब नीति में घोटाले के आरोपों ने दिल्ली की जनता के साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "केजरीवाल भगत सिंह की बात करते हैं, लेकिन आज उनकी आत्मा कष्ट में होगी कि एक भ्रष्टाचार का आरोपी उनके नाम का उपयोग कर रहा है।"

दिल्ली बीजेपी ने भी साधा निशाना

दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने भी केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली की जनता तीन महीने पहले लोकसभा चुनाव में अपना फैसला सुना चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल का भ्रष्टाचार दिल्ली को खोखला कर रहा है। जलभराव में 40-45 बच्चों की मौत के लिए उन्होंने सीधे केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया।

सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल ने अपने ही बनाए नियमों को तोड़कर पटाखे जलाए और अब इस्तीफा देने की बात कर रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अगर केजरीवाल की शराब नीति में कोई गड़बड़ी नहीं थी, तो उन्होंने जांच शुरू होते ही इसे वापस क्यों लिया?

"क्या इकट्ठा करना चाहते हो?"

बीजेपी ने केजरीवाल के 48 घंटे की मोहलत पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर इस समय का क्या औचित्य है। क्या मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल को कुछ खास इकट्ठा करना है? सुधांशु त्रिवेदी ने सीधा आरोप लगाया कि AAP ने दिल्ली की जनता को शराब घोटाले के जरिए लूटा है और अब भ्रष्टाचार के आरोपों से भागने की कोशिश कर रही है।

बीजेपी ने केजरीवाल से नवंबर में चुनाव की मांग करते हुए कहा कि अगर वह वास्तव में जनता के बीच जाना चाहते हैं, तो पूरे मंत्रिमंडल का इस्तीफा कराकर चुनाव की घोषणा करें।

केजरीवाल के इस्तीफे का इंतजार अब दिल्ली की राजनीति में एक बड़ी हलचल पैदा कर रहा है।

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