HDFC बैंक की ईएमआई गड़बड़ी से ग्राहक परेशान: क्रेडिट कार्ड बिल विवाद



नई दिल्ली: HDFC बैंक के एक ग्राहक के साथ हुए क्रेडिट कार्ड बिलिंग में गड़बड़ी ने एक बार फिर से बैंकिंग प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राहक, जो पिछले 12 सालों से HDFC बैंक के साथ जुड़ा है, ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि कैसे एक रिफंड के बाद उसका क्रेडिट कार्ड बिल माइनस में आ गया और फिर अचानक से बड़ी रकम का बिल भेज दिया गया।

ग्राहक ने बताया कि उसने पहले से चल रही ईएमआई के बावजूद अमेज़न से एक नया फोन ईएमआई पर ऑर्डर किया था। फोन वापस करने पर अमेज़न ने क्रेडिट कार्ड पर रिफंड कर दिया, जिससे अगले महीने का बिल -6500 रुपये आया। ग्राहक खुश था कि उसे उस महीने कोई पेमेंट नहीं करना पड़ा। अगले महीने भी बिल 588 रुपये का आया जिसे उसने खुशी-खुशी भर दिया। 

तीसरे महीने जब बिल आया तो ग्राहक के होश उड़ गए। बैंक ने पिछले दो महीनों का बिल जोड़कर एक बड़ा बिल भेज दिया था। नाराज ग्राहक ने तुरंत कस्टमर केयर को कॉल किया। कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव ने आश्वासन दिया कि उसकी समस्या का समाधान सीनियर अफसर द्वारा किया जाएगा। तीन दिन इंतजार के बाद, ग्राहक को एक मैसेज मिला कि उसकी शिकायत बंद कर दी गई है।

इससे ग्राहक और भड़क गया क्योंकि उसे बैंक से कोई फोन नहीं आया और उसकी शिकायत बिना समाधान के बंद कर दी गई थी। जब ग्राहक ने फिर से कस्टमर केयर को कॉल किया, तो उसे पूरा बिल भरने को कहा गया। 

बैंक द्वारा सही जानकारी न देने और रिलेशनशिप मैनेजर द्वारा भी सही सहायता न मिलने पर ग्राहक बेहद नाराज हो गया। अब ग्राहक को आशंका है कि अगर उसने बिल नहीं भरा तो लेट पेमेंट चार्जेज लग जाएंगे।

क्या HDFC बैंक का यह रवैया ग्राहकों के लिए उचित है?

इस घटना से यह सवाल उठता है कि क्या बैंक पहले से नहीं बता सकता था कि बिल कम क्यों आया? जब ग्राहक ने बैंक एग्जीक्यूटिव से यह सवाल पूछा, तो उसे बैंक कॉल कर के पूछने की सलाह दी गई। 

ग्राहक ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा, "आरएम केवल बैंक के प्रोडक्ट्स बेचने के लिए कॉल करता है, शिकायतों पर ध्यान नहीं देता।"

HDFC बैंक को चाहिए कि वह अपने ग्राहकों की शिकायतों का समाधान सही समय पर और सही तरीके से करे ताकि ग्राहकों का विश्वास बना रहे। इस मामले में बैंक की लापरवाही ने एक लंबे समय से जुड़े ग्राहक को परेशान कर दिया है। 

अंत में, ग्राहक उम्मीद कर रहा है कि बैंक की सीनियर टीम उसकी समस्या का जल्द से जल्द समाधान करेगी ताकि वह फिर से बैंक पर विश्वास कर सके।

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