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कन्धे की टूटी हड्डी का उपचार कराने आये मरीज को गलत इंजेक्शन लगने से मौत, परिजनो ने किया बवाल




रिपोर्ट: इंद्रेश तिवारी

जौनपुर। जनपद मुख्यालय पर स्थित नईगंज में चल रहे प्राइवेट अस्पताल त्रिशूल हॉस्पिटल में एक मरीज को गलत इंजेक्शन लगाने के कारण सोमवार की सुबह मरीज की मौत के परिजनो ने जमकर हंगामा करते हुए लाश को अस्पताल के गेट पर रखकर प्रदर्शन किया। घटना की खबर मिलने पर नगर मजिस्ट्रेट देवेन्द्र सिंह एवं सीओ सिटी कुलदीप कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मृतक के परिजनो को अस्पताल के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन देकर मौत के कारण का सच पता लगाने के लिए लाश को पोस्टमार्टम हेतु भेजते हुए धरना प्रदर्शन को समाप्त कराया है।

मिली खबर के अनुसार तेजी बाजार के पास स्थित बरईपार से बक्शा थाना क्षेत्र में आई बारात में सुधाकर सिंह नामक व्यक्ति का पैर मैट पर फिसलने से कन्धा की हड्डी खिसक गयी थी। परिजन एवं स्थानीय लोग उसके उपचार के लिए रविवार की देर रात डाॅ विनय तिवारी के त्रिशूल हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। कन्धा खिसकने के बाद भी मरीज खुद अपने पैर से चलकर अस्पताल आया था। आरोप है कि रविवार की रात उपचार के समय हॉस्पिटल के किसी अनट्रेन्ड एवं अनक्वालीफाई कम्पाउन्डर ने कोई ऐसा इंजेक्शन लगा दिया इंजेक्शन लगने के आधे घन्टे के बाद मरीज सुधाकर सिंह की मौत देर रात हो गयी।

मरीज की मौत के बाद जब उसके परिवार के लोगो ने हंगामा शुरू किया तो चिकित्सक विनय तिवारी सहित अस्पताल के सभी कर्मचारीगण अस्पताल छोड़कर कर फरार हो गये।
इस घटना से नाराज परिजनो ने सोमवार की सुबह मृतक मरीज की लाश को अस्पताल के गेट पर रखकर हंगामा करना शुरू कर दिया।

अस्पताल के सामने मचे बवाल की खबर मिलते ही नगर मजिस्ट्रेट देवेन्द्र सिंह सीओ सिटी कुलदीप कुमार के साथ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गये। मृतक के परिजनो से बात चीत कर उन्हे समझाते हुए उनके साथ न्याय का भरोसा दिलाते हुए उनके हंगामे को खत्म कराया और मौत के कारण का सच सामने लाने के लिए लाश को पोस्टमार्टम हेतु भेजवा दिया। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद त्रिशूल हॉस्पिटल के चिकित्सक और स्टाफ के खिलाफ विधिक कार्यवाई हो सकेंगी। दूसरी ओर नगर मजिस्ट्रेट ने सीएमओ को इस अस्पताल की जांच कराने का भी निर्देश दिया है। यदि खामियां मिली तो अस्पताल सीज हो सकता है ऐसा नगर मजिस्ट्रेट ने भरोसा दिया है।

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