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राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी बहस की चुनौती, बोले- 24 घंटे हो गए, डरिए मत सामने आइए


राहुल गांधी ने PM मोदी को 24 घंटे बाद फिर डिबेट की चुनौती दी। अमित शाह ने भी पलटवार करते हुए संसद में चर्चा की बात कही।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक बार फिर सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है। मंगलवार को जारी करीब 1 मिनट 50 सेकंड के वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि उनकी चुनौती दिए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं आया। उन्होंने विदेशी ताकतों से कथित संबंधों, अमेरिकी समझौते, अडानी और एपस्टीन मामले समेत कई मुद्दों पर खुली चर्चा की मांग की। वहीं, गृह मंत्री अमित शाह ने भी राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए संसद में चर्चा की चुनौती दी।

राहुल गांधी ने PM मोदी को फिर दी डिबेट की चुनौती

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बहस के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन वह अब भी बहस के लिए तैयार हैं।

करीब 1 मिनट 50 सेकंड के वीडियो में राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष के नेताओं को देशद्रोही बताते हैं। ऐसे में उन्हें किसी भी मंच पर इस मुद्दे पर बहस करनी चाहिए। राहुल ने कहा कि बहस की जगह प्रधानमंत्री खुद तय कर सकते हैं।

उन्होंने अपने संदेश में कहा, "मोदी जी, 24 घंटे बीत चुके हैं। मैंने आपको एक चुनौती दी है। आप कहते हैं कि विपक्ष में देशद्रोही हैं। कोई भी मंच चुन लीजिए, जगह आप तय करें और मुझसे बहस कीजिए।"

विदेशी ताकतों से संबंधों पर उठाए सवाल

राहुल गांधी ने वीडियो में विदेशी ताकतों से संबंधों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बहस में यह स्पष्ट होना चाहिए कि असली देशद्रोही कौन है और विदेशी ताकतों के साथ किसके संबंध हैं। उन्होंने इन संबंधों की प्रकृति पर भी सार्वजनिक चर्चा करने की बात कही।

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री से कहा कि उन्हें इस मुद्दे पर चर्चा करने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने जल्द से जल्द बहस आयोजित करने की अपील करते हुए कहा कि आरोपों और सवालों का जवाब खुले मंच पर दिया जाना चाहिए।

अमेरिकी समझौते को लेकर भी बहस की मांग

राहुल गांधी ने प्रस्तावित बहस के विषयों में वित्तीय व्यवस्था और ढांचे से जुड़े सवालों को भी शामिल किया। उन्होंने अमेरिकी समझौते को लेकर कई सवाल उठाए।

उन्होंने पूछा कि यह समझौता किस तरह हुआ, इसे इतनी जल्दी लागू करने की जरूरत क्यों पड़ी और प्रधानमंत्री ने इसे अकेले क्यों संभाला। राहुल गांधी ने यह भी सवाल किया कि इस समझौते की जानकारी कैबिनेट को क्यों नहीं दी गई।

उनका कहना था कि इन सभी मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए, ताकि जनता के सामने पूरी बात आ सके।

अडानी और एपस्टीन मामले पर भी चर्चा की बात

राहुल गांधी ने वीडियो में अडानी मामले और एपस्टीन मामले का भी जिक्र किया। उन्होंने सवाल किया कि अडानी मामले को क्यों बंद कर दिया गया और एपस्टीन मामले में क्या है।

उन्होंने कहा कि इन मुद्दों के अलावा भी कई अन्य विषय हैं, जिन पर प्रधानमंत्री के साथ खुली चर्चा की जा सकती है। राहुल ने प्रधानमंत्री से सामने आकर बातचीत करने की अपील करते हुए कहा कि यदि उन पर आरोप लगाए जा रहे हैं, तो उन आरोपों पर सार्वजनिक रूप से चर्चा होनी चाहिए।

राहुल गांधी ने कहा कि बहस से सभी सवालों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है और सच्चाई सामने आ सकती है।

विदेशी कनेक्शन के मुद्दे पर मुकदमे को लेकर राहुल का दावा

वीडियो में राहुल गांधी ने मानहानि के मुकदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री की ओर से उनसे जुड़े कई अन्य मामलों में मानहानि के मुकदमे किए गए हैं। राहुल के मुताबिक, ऐसे मामलों की संख्या करीब 45 है।

उन्होंने सवाल उठाया कि विदेशी संबंधों से जुड़े मुद्दे पर अब तक उनके खिलाफ कोई मुकदमा क्यों नहीं किया गया। राहुल ने कहा कि यदि इस विषय पर भी मुकदमा किया जाता है, तो वह वहां भी खुलकर चर्चा करने के लिए तैयार हैं।

उन्होंने अपने वीडियो के अंत में प्रधानमंत्री को दोबारा बहस का न्योता देते हुए दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।

अमित शाह ने राहुल गांधी पर किया पलटवार

राहुल गांधी की चुनौती के बीच मंगलवार को गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के रायपुर में एक कार्यक्रम के दौरान उन पर निशाना साधा। अमित शाह ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने नकली संसद बनाकर वास्तविक संसद का मजाक उड़ाया है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल चर्चा का दिखावा कर रहे हैं।

अमित शाह ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए संसद का सुचारु रूप से चलना जरूरी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जरूरत पड़ने पर चर्चा के लिए विशेष सत्र बुलाने को भी तैयार है।

अमित शाह बोले- हिम्मत है तो जनता के सामने चर्चा करें

गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो उन्हें देश की जनता के सामने मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि केवल संविधान की एक प्रति लेकर घूमने से यह साबित नहीं होता कि कोई संविधान का समर्थन करता है। संविधान के प्रति समर्थन व्यक्ति के आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।

अमित शाह के इस बयान के साथ ही राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच बहस को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कई मुद्दों पर सार्वजनिक बहस के लिए आमंत्रित कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ अमित शाह ने संसद में चर्चा के लिए सरकार की तैयारी का दावा करते हुए राहुल गांधी को जनता के सामने बहस करने की चुनौती दी है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

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