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Karwa Chauth Moon Rise: निकल आया करवा चौथ का चांद, लेकिन दिल्ली-NCR में बादलों ने बढ़ाई सुहागिनों की चिंता


करवा चौथ 2026 पर कई शहरों में चांद दिखा, जबकि दिल्ली-NCR में बादलों से देरी हुई। जानें चंद्रोदय का समय और व्रत खोलने की विधि।

करवा चौथ 2026 पर देश के कई शहरों में चंद्रमा के दर्शन हुए, जबकि दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कुछ इलाकों में खराब मौसम और बादलों के कारण महिलाओं को इंतजार करना पड़ा। गुवाहाटी में चांद साफ दिखाई दिया और कई जगह महिलाओं ने व्रत खोलना शुरू कर दिया। दिल्ली, लखनऊ, जयपुर, मुंबई, कोलकाता और बेंगलुरु के चंद्रोदय का समय भी अलग-अलग रहा। बादलों के कारण चांद नहीं दिखने पर भगवान शिव के मस्तक पर विराजमान चंद्रदेव के दर्शन करने का धार्मिक उपाय भी बताया गया।

करवा चौथ 2026: कई शहरों में चंद्र दर्शन, दिल्ली-NCR में बादलों ने बढ़ाया इंतजार

करवा चौथ के दिन सुबह से ही महिलाओं में व्रत और पूजा को लेकर उत्साह देखने को मिला। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद महिलाओं को शाम के समय चंद्रमा के निकलने का इंतजार था। देश के कई हिस्सों में चांद दिखाई देने के बाद महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर अपना व्रत खोलना शुरू कर दिया।

असम के गुवाहाटी में चंद्रमा साफ नजर आया। वहीं, दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कई इलाकों में मौसम खराब होने तथा आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्र दर्शन में परेशानी हुई। कुछ स्थानों पर चांद दिखाई नहीं देने के बावजूद महिलाओं ने व्रत खोलना शुरू कर दिया, क्योंकि चंद्रोदय का निर्धारित समय बीत चुका था।

करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन को व्रत की महत्वपूर्ण परंपरा माना जाता है। महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। इसके बाद पारंपरिक विधि से व्रत का पारण किया जाता है।

Karwa Chauth Moon Rise Time 2026: दिल्ली से मुंबई तक जानें चांद निकलने का समय

करवा चौथ पर चंद्रमा के उदय का समय अलग-अलग शहरों में अलग रहा। दिल्ली-NCR में चंद्रोदय का निर्धारित समय रात 8:17 बजे था। लखनऊ में चांद निकलने का समय रात 8:06 बजे, जबकि जयपुर में रात 8:28 बजे बताया गया।

मुंबई में चंद्रोदय का समय रात 9 बजे और बेंगलुरु में रात 8:55 बजे निर्धारित था। कोलकाता में चांद निकलने का समय शाम 7:47 बजे बताया गया। हालांकि, स्थानीय मौसम की स्थिति के कारण वास्तविक चंद्र दर्शन में देरी या परेशानी हो सकती है।

दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद में चंद्रोदय का समय रात 8:17 बजे रहा, जबकि गुरुग्राम के लिए रात 8:18 बजे का समय बताया गया।

Karwa Chauth 2026 Puja Muhurat: जानें पूजा का शुभ समय

पंचांग के अनुसार, करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट पर शुरू हुई और रात 10 बजकर 9 मिनट पर समाप्त होने का समय बताया गया।

करवा चौथ की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 5:38 बजे से 6:56 बजे तक था। इस दौरान महिलाओं ने भगवान गणेश और करवा माता की पूजा की। इसके बाद चंद्रमा के निकलने की प्रतीक्षा की गई।

करवा चौथ पर महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत शुरू करती हैं। इसके बाद पूरे दिन अन्न और जल ग्रहण किए बिना व्रत रखा जाता है। शाम को पूजा करने के बाद चंद्रमा के दर्शन होने पर अर्घ्य दिया जाता है और पति की लंबी उम्र तथा सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की जाती है।

Karwa Chauth Moon Darshan: बादलों में चांद न दिखे तो क्या करें?

करवा चौथ पर कई बार मौसम खराब होने या आसमान में बादल छाए रहने के कारण चंद्रमा के प्रत्यक्ष दर्शन नहीं हो पाते। ऐसी स्थिति में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव की पूजा से जुड़ा एक उपाय बताया जाता है।

मान्यता है कि भगवान शिव के मस्तक पर चंद्रदेव विराजमान रहते हैं। इसलिए यदि बादलों के कारण चांद दिखाई नहीं दे रहा हो, तो महिलाएं घर के मंदिर में स्थापित भगवान शिव की तस्वीर या प्रतिमा पर विराजमान चंद्रदेव के दर्शन कर सकती हैं।

यह उपाय धार्मिक आस्था से जुड़ा है। व्रत खोलने की विधि और परंपराएं परिवारों तथा स्थानीय मान्यताओं के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

करवा चौथ पर चंद्रमा को अर्घ्य देने की परंपरा

करवा चौथ की पूजा में चंद्र दर्शन का विशेष महत्व माना जाता है। परंपरा के अनुसार, महिलाएं पूजा की थाली लेकर छत या किसी खुले स्थान पर जाती हैं। चंद्रमा दिखाई देने पर उन्हें अर्घ्य दिया जाता है और पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य तथा वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है।

इसके बाद महिलाएं छलनी से पहले चंद्रमा और फिर अपने पति का चेहरा देखती हैं। परंपरा के मुताबिक, पति के हाथों पानी पीकर व्रत खोला जाता है। कई परिवारों में इस अवसर पर मिठाई खिलाने की रस्म भी निभाई जाती है।

व्रत का पारण करने के बाद महिलाएं घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेती हैं। दिनभर निर्जला व्रत रखने के बाद चंद्र दर्शन, पूजा और पारण के साथ करवा चौथ की धार्मिक परंपराएं पूरी होती हैं।

करवा चौथ पर चंद्र मंत्रों का जाप

करवा चौथ पर चंद्रदेव की पूजा करते समय श्रद्धालु अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार मंत्रों का जाप कर सकते हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इन मंत्रों का जाप शुभ माना जाता है।

चंद्र मंत्र: ॐ चन्द्राय नमः।

सोम मंत्र: ॐ सोमाय नमः।

मंत्रों के जाप के साथ महिलाएं पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना करती हैं। पूजा के बाद परंपरा के अनुसार पति के हाथों पानी पीकर व्रत का पारण किया जाता है।


Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. विश्व मीडिया इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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