भदोही का नाम बदलकर संत रविदास नगर भदोही करने का CM योगी ने ऐलान किया। 1,340 करोड़ की 112 परियोजनाओं का भी उद्घाटन हुआ।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही जिले का नाम बदलकर संत रविदास नगर भदोही करने की घोषणा की। यह ऐलान भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण के दौरान किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।
भदोही का नाम अब संत रविदास नगर भदोही होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिले के नए नाम की घोषणा की। उन्होंने कहा, “अब हमारे भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर भदोही होगा।” मुख्यमंत्री ने संत रविदास के नाम पर जिले की नई पहचान का उल्लेख करते हुए इसे उनकी शिक्षाओं और सामाजिक समरसता की भावना से जोड़ा।
कार्यक्रम के दौरान योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मध्यकाल में संत रविदास की ख्याति व्यापक थी। उन्होंने संत रविदास की उस कामना का उल्लेख किया, जिसमें ऐसे समाज की कल्पना की गई थी जहां सभी लोगों को अन्न मिले और छोटे-बड़े का भेद न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अन्न की सुविधा मिल रही है। इसी संदर्भ में उन्होंने भदोही का नाम संत रविदास नगर भदोही किए जाने को प्रासंगिक बताया।
अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में 450 विदेशी खरीदार पहुंचे
योगी आदित्यनाथ ने कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शनी में लगभग 250 एक्जिविटर्स शामिल हुए हैं। इसके अलावा 450 विदेशी खरीदार भी मेले में पहुंचे हैं।
मुख्यमंत्री के अनुसार 65 देशों से आए खरीदार संत रविदास नगर भदोही को वैश्विक पहचान देने में योगदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे यहां के कारीगरों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत रविदास नगर भदोही पहले से ही अपने कालीन उद्योग के लिए जाना जाता रहा है। तेजी से विकास की प्रक्रिया से जुड़ते हुए यह क्षेत्र नई पहचान के साथ आगे बढ़ा है। उन्होंने भदोही की भौगोलिक स्थिति का उल्लेख करते हुए कहा कि एक ओर वाराणसी में बाबा विश्वनाथ की पावन धरा है और दूसरी ओर संगम नगरी प्रयागराज है। इन दोनों के बीच स्थित संत रविदास नगर भदोही के पास विरासत भी है और डबल इंजन सरकार का विकास भी।
कारीगरों को तकनीक, डिजाइन और बाजार मिलने का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन के अनुरूप सरकार आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि संत रविदास की कुटिया आज भी लोगों की आस्था का केंद्र बनी हुई है।
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के परिणामस्वरूप कारीगरों को समय के अनुरूप तकनीक, डिजाइन और बाजार उपलब्ध हुए हैं। उन्होंने कहा कि कारीगरों को विभिन्न सुविधाओं से संपन्न कराकर तेजी से आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जो व्यवस्था अपने कारीगरों का सम्मान करती है, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता।
2017 से पहले प्रदेश में निराशा का माहौल था: योगी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में वर्ष 2017 से पहले की स्थिति का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस समय प्रदेश में हताशा और निराशा का माहौल था तथा प्रदेश का खजाना खाली था। उन्होंने कहा कि इसी स्थिति में प्रदेश की व्यवस्था का संचालन करना था।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लगभग दस साल पहले वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना शुरू की गई थी और भदोही में कालीन को जिले के प्रमुख उत्पाद के रूप में पहचान दी गई।
उन्होंने कहा कि पहले लोगों के सामने अपने भविष्य को लेकर आशंका थी। हैंडमेड कारपेट के लिए बाजार मिलेगा या नहीं, इसे लेकर भी चिंता थी। मुख्यमंत्री के अनुसार वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना के बाद बाजार उपलब्ध हुआ।
भदोही से 6100 करोड़ रुपये के निर्यात का दावा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अकेले संत रविदास नगर से 6100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है। उनके मुताबिक इससे कारीगरों तक पैसा पहुंच रहा है और कालीन उद्योग लोगों को आजीविका उपलब्ध कराने के साथ युवाओं के लिए रोजगार का माध्यम भी बन रहा है।
उन्होंने कहा कि साढ़े नौ साल में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाने में सफलता मिली है।
पिछली सरकारों पर योगी ने साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती विपक्षी दलों की सरकारों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बीमारू मानसिकता वाली सरकारों के कारण प्रदेश बीमारू अर्थव्यवस्था में बदल गया था।
योगी आदित्यनाथ के मुताबिक उस दौर में सुरक्षा, बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और बाजार से जुड़ी सुविधाओं का अभाव था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले अराजकता, माफिया राज, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और दंगों की स्थिति थी। उनके अनुसार उस समय नीतिगत जड़ता के साथ बाजार और तकनीक की सुविधाओं की कमी थी तथा सरकार की ओर से अपेक्षित सहयोग भी नहीं मिलता था।
बुनकरों और हस्तशिल्प कामगारों के पलायन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस स्थिति का असर बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े कामगारों की आजीविका पर पड़ा। उनके अनुसार कई लोगों को रोजगार और आजीविका की तलाश में पलायन करना पड़ा, जबकि जो लोग प्रदेश में रह गए, उन्हें सुरक्षित माहौल के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उस समय कारीगरों को बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं मिलती थीं और सुरक्षा की स्थिति भी ठीक नहीं थी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश की बीमारू मानसिकता ने राज्य को बीमारू बना दिया था।
112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास
भदोही में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,340 करोड़ रुपये से अधिक की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती संस्करण का आयोजन हुआ, जिसमें लगभग 250 एक्जिविटर्स और 65 देशों से आए 450 विदेशी खरीदारों की मौजूदगी का उल्लेख मुख्यमंत्री ने किया।
सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर भदोही जाना जाएगा... https://t.co/kdWT1PtTpd
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 4, 2026
भदोही का नाम संत रविदास नगर भदोही करने की घोषणा इसी कार्यक्रम के दौरान की गई। मुख्यमंत्री ने कालीन उद्योग, कारीगरों, निर्यात और जिले के विकास का उल्लेख करते हुए नई पहचान के साथ क्षेत्र को आगे बढ़ाने की बात कही।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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