भारत में 2026 का फेस्टिव सीजन स्मार्टफोन खरीदारों के लिए पिछले वर्षों से अलग हो सकता है। मेमोरी और अन्य जरूरी कंपोनेंट्स की कीमत बढ़ने से कंपनियों की लागत बढ़ी है और बड़े डिस्काउंट देने की गुंजाइश कम हुई है। ET की रिपोर्ट के अनुसार, इस साल भारत में स्मार्टफोन बिक्री में करीब 10 फीसदी की सालाना गिरावट का अनुमान है, जबकि कंपनियों ने कई मॉडल की कीमतें बढ़ाई हैं।
फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन ऑफर पर क्यों पड़ा असर
भारत में दिवाली समेत फेस्टिव सीजन को स्मार्टफोन कंपनियों के लिए बिक्री के लिहाज से अहम समय माना जाता है। इस दौरान ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कंपनियां आमतौर पर कीमतों में छूट, बैंक ऑफर, एक्सचेंज बोनस और अन्य प्रमोशनल ऑफर पेश करती हैं। हालांकि, 2026 में बढ़ती लागत के कारण कंपनियों के लिए पहले की तरह बड़े डिस्काउंट देना मुश्किल हो सकता है।
स्मार्टफोन की कीमत और कंपनियों के प्रमोशनल बजट पर असर डालने वाली प्रमुख वजहों में मेमोरी और दूसरे जरूरी कंपोनेंट्स की बढ़ती कीमत शामिल है। मेमोरी की लागत बढ़ने के चलते कई कंपनियों ने अपने कुछ स्मार्टफोन मॉडल की कीमतों में पहले ही इजाफा किया है।
इस स्थिति का असर केवल भारतीय बाजार तक सीमित नहीं है। दुनिया भर में स्मार्टफोन बाजार में भी 2026 के दौरान गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में आने वाले फेस्टिव सीजन में कंपनियों के सामने बिक्री बनाए रखने और बढ़ी हुई लागत को संभालने के बीच संतुलन बनाने की चुनौती हो सकती है।
भारत के स्मार्टफोन बाजार में दूसरी तिमाही में 11 फीसदी गिरावट
2026 की दूसरी तिमाही में भारत का स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर 11 फीसदी घटा। रिपोर्ट में इसके पीछे मेमोरी की रिकॉर्ड कीमतों को एक प्रमुख वजह बताया गया है। बढ़ी हुई लागत के कारण कई स्मार्टफोन कंपनियों ने अपने डिवाइस की कीमतों में बदलाव किया है।
फेस्टिव सीजन में आमतौर पर बिक्री बढ़ाने के लिए कंपनियां आकर्षक ऑफर देती हैं, लेकिन लागत बढ़ने की स्थिति में सीधी कीमत कटौती करना उनके लिए पहले की तुलना में कठिन हो सकता है। यही वजह है कि इस साल ग्राहकों को मिलने वाले फेस्टिव ऑफर का स्वरूप बदल सकता है।
ET की रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में भारत में स्मार्टफोन बिक्री में सालाना आधार पर करीब 10 फीसदी गिरावट आने का अनुमान है। ऐसे समय में फेस्टिव सीजन कंपनियों के लिए बिक्री को बढ़ाने की कोशिश का महत्वपूर्ण अवसर होगा, लेकिन बढ़ी हुई कंपोनेंट लागत इस प्रयास को प्रभावित कर सकती है।
ग्लोबल स्मार्टफोन बाजार में भी लगातार दूसरी तिमाही गिरावट
स्मार्टफोन बाजार में कमजोरी सिर्फ भारत में दिखाई नहीं दे रही है। 2026 की दूसरी तिमाही में ग्लोबल स्मार्टफोन बाजार सालाना आधार पर 7.4 फीसदी घट गया। इस दौरान दुनिया भर में स्मार्टफोन की बिक्री 27.63 करोड़ यूनिट रही।
यह लगातार दूसरी तिमाही थी जब वैश्विक स्मार्टफोन बिक्री में सालाना आधार पर कमी दर्ज की गई। यानी कंपनियों के सामने एक ओर बाजार की मांग से जुड़ी चुनौती है और दूसरी ओर स्मार्टफोन बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कंपोनेंट्स की लागत बढ़ रही है।
मेमोरी की बढ़ती कीमतों का प्रभाव स्मार्टफोन के अलावा दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर भी पड़ रहा है। कंपनियों के लिए यह स्थिति उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के बीच संतुलन बनाए रखने को महत्वपूर्ण बनाती है।
AI की बढ़ती मांग से मेमोरी सप्लाई पर दबाव
मेमोरी की मांग बढ़ने के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की बढ़ती जरूरत एक बड़ी वजह बताई गई है। AI सिस्टम में इस्तेमाल होने वाली खास तरह की मेमोरी के उत्पादन पर बड़ी कंपनियां अधिक ध्यान दे रही हैं।
SK Hynix, Samsung और Micron जैसी कंपनियां AI सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाली विशेष मेमोरी के उत्पादन पर ज्यादा फोकस कर रही हैं। इसका असर स्मार्टफोन और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस में इस्तेमाल होने वाली सामान्य मेमोरी की सप्लाई पर दबाव के रूप में दिखाई दे रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, 2026 की तीसरी तिमाही में नॉर्मल DRAM मेमोरी की कीमतों में 13 से 18 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। अगर मेमोरी की लागत में यह बढ़ोतरी होती है, तो इससे स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनियों की लागत पर भी असर पड़ सकता है।
कई स्मार्टफोन कंपनियों ने बढ़ाईं कीमतें
मेमोरी और दूसरे कंपोनेंट्स की बढ़ती लागत का असर स्मार्टफोन की खुदरा कीमतों में भी दिखाई देने लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, Realme, Oppo, Vivo, Samsung और OnePlus ने कुछ स्मार्टफोन मॉडल की कीमतों में बढ़ोतरी की है।
Realme ने कई स्मार्टफोन की कीमत 1,000 रुपये से लेकर 4,000 रुपये तक बढ़ाई है। Oppo ने चुनिंदा Reno और A सीरीज मॉडल की कीमतों में 5,000 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। Vivo ने कुछ क्षेत्रों में अपने कुछ मॉडल की कीमत 500 रुपये से 4,000 रुपये तक बढ़ाई है।
OnePlus ने भी कुछ स्मार्टफोन मॉडल की कीमतों में 2,000 रुपये से 4,000 रुपये तक का इजाफा किया है। वहीं Samsung ने S, M और F सीरीज के कुछ स्मार्टफोन की कीमत बढ़ाई है।
Samsung Galaxy S25 के एक वेरिएंट की कीमत में 12,000 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे पता चलता है कि बढ़ी हुई कंपोनेंट लागत का असर अलग-अलग ब्रांड और स्मार्टफोन सेगमेंट में कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
iPhone की कीमत में भी हुआ बदलाव
कीमत बढ़ाने वाले ब्रांडों में Apple भी शामिल है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुछ iPhone मॉडल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है।
256GB स्टोरेज वाला iPhone 17 अब 99,900 रुपये का है। लॉन्च के समय इसकी कीमत 82,900 रुपये थी। इस तरह रिपोर्ट में इस मॉडल की मौजूदा कीमत और लॉन्च कीमत के बीच अंतर का उल्लेख किया गया है।
स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब फेस्टिव सीजन में ग्राहकों की ओर से डिस्काउंट और दूसरे ऑफर की उम्मीद रहती है। बढ़ी हुई लागत के कारण कंपनियों के लिए सीधे तौर पर कीमत घटाकर बड़े डिस्काउंट देना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है।
फेस्टिव सीजन में बदल सकता है ऑफर का तरीका
बढ़ती लागत का असर केवल स्मार्टफोन की कीमतों तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि कंपनियों की फेस्टिव ऑफर रणनीति पर भी दिखाई दे सकता है। बड़े डायरेक्ट डिस्काउंट के बजाय नो-कॉस्ट EMI, कैशबैक, एक्सचेंज ऑफर और बैंक डिस्काउंट जैसे विकल्प अधिक महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
इस तरह कंपनियां फोन की घोषित कीमत में बड़ी कटौती किए बिना ग्राहकों को खरीदारी के लिए अतिरिक्त लाभ देने की कोशिश कर सकती हैं। फेस्टिव सीजन के दौरान बैंक और फाइनेंसिंग से जुड़े ऑफर ग्राहकों के लिए खरीदारी की लागत को अलग तरीके से प्रभावित कर सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में NBFC फाइनेंसिंग और क्रेडिट या डेबिट कार्ड EMI के जरिए होने वाली स्मार्टफोन खरीदारी कुल बिक्री का करीब 42 फीसदी हो सकती है। 2025 में यह आंकड़ा 35 फीसदी था।
इस बदलाव से फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन खरीदारी के दौरान EMI और फाइनेंसिंग विकल्पों की भूमिका बढ़ने की बात सामने आती है। बढ़ती कीमतों के बीच ग्राहकों के लिए एकमुश्त भुगतान के बजाय EMI आधारित खरीदारी एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती है।
महंगे नए फोन के बीच पुराने स्मार्टफोन का बाजार बढ़ने की संभावना
नए स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर पुराने फोन के बाजार पर भी पड़ सकता है। रिपोर्ट में बताया गया है कि महंगे नए फोन के कारण पुराने स्मार्टफोन का बाजार बढ़ सकता है।
फेस्टिव सीजन में नए प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने वाले ग्राहकों के लिए एक्सचेंज ऑफर खास महत्व रख सकते हैं। पुराने फोन की कीमत को नए डिवाइस की खरीद में समायोजित करने से ग्राहक को कुल भुगतान में राहत मिल सकती है।
प्रीमियम स्मार्टफोन खरीदने वालों के लिए एक्सचेंज ऑफर इसलिए भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं क्योंकि इस सेगमेंट के फोन की कीमत सामान्य स्मार्टफोन की तुलना में अधिक होती है। ऐसे में एक्सचेंज और बैंक से जुड़े ऑफर खरीदारी के दौरान मिलने वाले कुल लाभ को प्रभावित कर सकते हैं।
इस फेस्टिव सीजन में ग्राहकों को किस तरह के ऑफर मिल सकते हैं
2026 के फेस्टिव सीजन में स्मार्टफोन कंपनियों के सामने बढ़ी हुई लागत और बिक्री को बनाए रखने की जरूरत दोनों मौजूद हैं। मेमोरी की कीमतों में बढ़ोतरी और अन्य कंपोनेंट्स की लागत के कारण कंपनियों ने कुछ मॉडल महंगे किए हैं।
ऐसे माहौल में फेस्टिव सीजन के दौरान ग्राहकों को सीधे बड़े प्राइस कट के बजाय अलग-अलग वित्तीय और एक्सचेंज आधारित ऑफर ज्यादा देखने को मिल सकते हैं। नो-कॉस्ट EMI, कैशबैक, बैंक डिस्काउंट और एक्सचेंज ऑफर इस रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं।
वहीं, स्मार्टफोन की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण फेस्टिव सीजन में खरीदारी करने वाले ग्राहकों के लिए फोन की कीमत के साथ उपलब्ध बैंक ऑफर, EMI और एक्सचेंज लाभ भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। रिपोर्ट में 2026 के दौरान फाइनेंसिंग और EMI के जरिए होने वाली खरीदारी की हिस्सेदारी 42 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान दिया गया है, जो 2025 के 35 फीसदी से अधिक है।
कुल मिलाकर, 2026 का फेस्टिव सीजन स्मार्टफोन बाजार के लिए बढ़ी हुई कंपोनेंट लागत और कमजोर बिक्री के बीच आ रहा है। भारत में दूसरी तिमाही में स्मार्टफोन बाजार 11 फीसदी घटा है और वैश्विक बाजार में भी लगातार दूसरी तिमाही गिरावट दर्ज की गई है। इसी बीच मेमोरी की कीमतों में संभावित बढ़ोतरी और कई ब्रांडों की कीमत वृद्धि से इस साल फेस्टिव ऑफर का तरीका पहले की तुलना में अलग दिखाई दे सकता है।


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