स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

ताजा खबरें

5/National/ticker-posts

बड़ी खबरें

Recent/hot-post

सहारनपुर में 20 फीट गहरे नलकूप के गड्ढे में दर्दनाक हादसा, मिट्टी धंसने से चाचा-भतीजे की मौत


सहारनपुर के चिराऊ गांव में नलकूप का गड्ढा धंसने से चाचा-भतीजे की मौत, साढ़े चार घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन।

सहारनपुर के बड़गांव थाना क्षेत्र के चिराऊ गांव में शनिवार शाम नलकूप के गड्ढे से पुरानी ईंटें निकालते समय मिट्टी की ढांग अचानक धंस गई। हादसे में 48 वर्षीय राजेंद्र और उनके 12 वर्षीय भतीजे गौरव मलबे में दब गए। करीब साढ़े चार घंटे चले बचाव अभियान के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी।

पुरानी ईंटें निकालते समय अचानक धंसी मिट्टी

चिराऊ गांव में शनिवार शाम राजेंद्र अपने 12 वर्षीय भतीजे गौरव के साथ नलकूप के गड्ढे से पुरानी ईंटें निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक मिट्टी की ढांग भरभराकर गड्ढे में गिर गई। दोनों उसके नीचे दब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही गांव में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए।

जेसीबी की मदद से शुरू किया गया बचाव अभियान

घटना के बाद ग्रामीणों ने तत्काल जेसीबी मशीन की मदद से दोनों को मलबे से निकालने की कोशिश शुरू की। कुछ समय बाद पुलिस, फायर ब्रिगेड और प्रशासनिक टीम भी मौके पर पहुंच गई। इसके बाद बचाव दल ने मुश्किल परिस्थितियों के बीच दोनों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

सबसे पहले राजेंद्र को मलबे से बाहर निकाला गया। उन्हें तत्काल एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भेजा गया। वहीं, 12 वर्षीय गौरव गड्ढे में फंसा हुआ था। उसे बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास करती रही।

अंधेरा बढ़ने से रेस्क्यू में आई परेशानी

शाम होने के साथ अंधेरा बढ़ गया, जिससे बचाव अभियान में मुश्किलें बढ़ती गईं। इसके बावजूद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने बड़ी टॉर्च की रोशनी में अभियान जारी रखा। घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही और लोग गौरव के सुरक्षित बाहर आने की उम्मीद लगाए रहे।

करीब साढ़े चार घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद गौरव को भी मलबे से बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, तब तक काफी देर हो चुकी थी और दोनों की हालत गंभीर थी।

SSP अभिनंदन ने बताई रेस्क्यू की जानकारी

SSP सहारनपुर अभिनंदन ने बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने दोनों को बचाने की पूरी कोशिश की। राजेंद्र को पहले मलबे से बाहर निकाला गया और इसके बाद गौरव को भी बाहर निकाला गया, लेकिन दोनों की मौत हो चुकी थी।

चाचा-भतीजे की मौत से परिवार में कोहराम

राजेंद्र और गौरव आपस में चाचा-भतीजे थे। गौरव अपने चाचा के काम में हाथ बंटा रहा था और दोनों नलकूप के गड्ढे से ईंटें निकाल रहे थे। इसी दौरान मिट्टी की ढांग गिरने से दोनों उसके नीचे दब गए।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दोनों शवों को बाहर निकालकर मोर्चरी भेज दिया गया। हादसे की खबर मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि चिराऊ गांव में भी मातम पसरा हुआ है।


साभार: मीडिया रिपोर्ट्स 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ