कांग्रेस CWC बैठक में बड़ा फैसला: 'वंदे मातरम' के सिर्फ दो अंतरे गाए जाएंगे। पार्टी राम मंदिर चंदा चोरी और पेपर लीक पर देशव्यापी प्रदर्शन करेगी।
दिल्ली में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की अहम बैठक में पार्टी ने कई बड़े फैसले लिए हैं। 'वंदे मातरम' विवाद पर कांग्रेस ने साफ किया है कि 1937 के ऐतिहासिक फैसले के तहत गीत के केवल शुरुआती दो अंतरे ही गाए जाएंगे। इसके साथ ही, पार्टी राम मंदिर में कथित चंदा चोरी, पेपर लीक और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान जैसे अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने के लिए देशभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने जा रही है।
'वंदे मातरम' पर कांग्रेस का रुख एकदम साफ, नहीं है कोई भ्रम
बुधवार को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में हुई CWC की इस बैठक में 88 से अधिक नेता शामिल हुए, जिनमें चार राज्यों के मुख्यमंत्री और 33 वक्ता मौजूद थे। कांग्रेस महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल ने 'वंदे मातरम' को लेकर चल रहे सियासी विवाद पर पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर बैठक में चर्चा हुई और अध्यक्ष ने इसे पहले ही साफ कर दिया है।
वेणुगोपाल ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त को हुई घटना महज एक 'संवाद की कमी' (Communication Gap) थी। सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल और अन्य दिग्गज नेताओं ने 1937 में ही यह तय कर दिया था कि 1937 में अपनाए गए मूल 'वंदे मातरम' के सिर्फ दो ही अंतरे गाए जाएंगे। कांग्रेस कार्यकर्ता आज भी उसी ऐतिहासिक फैसले का पालन करते हैं।
राम मंदिर और पेपर लीक पर देशभर में होगा हल्ला बोल
बैठक में माना गया कि हालिया संसद सत्र विपक्ष के लिए पूरी तरह सफल रहा और प्रश्नपत्र लीक के मामले पर सरकार बचाव की मुद्रा में नजर आई। सीडब्ल्यूसी ने सभी प्रदेश कांग्रेस कमेटियों को निर्देश दिया है कि वे राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित चोरी के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन करें। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि राम मंदिर का इस्तेमाल लोगों को बांटने के लिए करने वालों की असलियत अब सामने आ चुकी है और पार्टी इस मुद्दे को जमीनी स्तर तक ले जाएगी।
इसके अलावा, नीट और अन्य पेपर लीक के खिलाफ 'छात्रों की गूंज' नामक अभियान के तहत 800 शहरों और कस्बों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस मुहिम में खुद राहुल गांधी भी शिरकत करेंगे। कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों को शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि छात्रों का हित सुरक्षित रहे।
खरगे का अपमान: 'सीधे तौर पर माफी मांगें प्रधानमंत्री मोदी'
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के अपमान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। वेणुगोपाल ने हल्द्वानी की उस घटना का जिक्र किया जहां भाजपा नेताओं ने खरगे द्वारा इस्तेमाल किए गए मंच का कथित तौर पर 'शुद्धिकरण' किया था। उन्होंने कहा कि हाल ही में एक प्रवक्ता ने दलितों को 'गुलामी की सोच' वाला बताया, जो आरएसएस की सवर्ण मानसिकता को दर्शाता है। कांग्रेस ने मांग की है कि इस अपमानजनक व्यवहार और पीएम की चुप्पी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को खुद सीधे तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
जाति जनगणना, परिसीमन और चीन की घुसपैठ पर बनी रणनीति
CWC की बैठक में अरुणाचल प्रदेश में चीनी घुसपैठ को लेकर भी गहरी चर्चा हुई। वहीं, जाति जनगणना के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कांग्रेस ने कहा कि जनगणना में ओबीसी (OBC) के लिए अलग कॉलम को प्राथमिकता न देना मोदी सरकार का धोखा और नाकामी है। कांग्रेस अध्यक्ष पहले ही इस संबंध में पत्र लिख चुके हैं और पार्टी ने तेलंगाना व बिहार मॉडल लागू करने की मांग की है।
परिसीमन (Delimitation) और महिला आरक्षण पर पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने स्थिति साफ करते हुए कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट मानना है कि अगले 25 वर्षों तक लोकसभा सीटों की संख्या 543 ही रहनी चाहिए। महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण की व्यवस्था इसी 543 सीटों के दायरे में लागू की जानी चाहिए।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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