नोएडा में इंजीनियर आर्यन की दर्दनाक मौत का CCTV सामने आया। करंट लगने के बाद खुले नाले में गिरे। पढ़ें पूरी खबर।
Noida Engineer Death: पहले करंट, फिर खुले नाले में गिरने से इंजीनियर की मौत, CCTV ने खोली हादसे की पूरी कहानी
नोएडा के सेक्टर-58 में 27 वर्षीय इंजीनियर आर्यन की दर्दनाक मौत का सीसीटीवी वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिखाई देता है कि बारिश के दौरान सड़क पर जलभराव के बीच चलते समय आर्यन अचानक खुले नाले में गिर जाते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पानी में करंट होने की वजह से उन्हें बचाने पहुंचे लोग भी तुरंत पीछे हट गए। बिजली सप्लाई बंद होने के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस घटना ने नोएडा अथॉरिटी और बिजली विभाग की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CCTV में कैद हुआ हादसे का पूरा घटनाक्रम
गुरुवार सुबह आर्यन सेक्टर-58 स्थित एक इनवर्टर फैक्ट्री में ड्यूटी के लिए पहुंचे थे। वह ऑटो से उतरकर फैक्ट्री की ओर पैदल जा रहे थे। लगातार बारिश के कारण सड़क पर पानी भरा हुआ था। इसी दौरान वह खुले नाले के पास पहुंचे और अचानक संतुलन बिगड़ने के बाद उसमें गिर गए। सामने आए सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़ते हुए दिखाई देते हैं, लेकिन पानी में करंट होने के कारण वे भी पीछे हट जाते हैं। बाद में बिजली सप्लाई बंद कराए जाने के बाद आर्यन को बाहर निकाला गया।
पुलिस जांच में करंट लगने की आशंका
पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार, पास में मौजूद एक बिजली के खंभे में करंट उतर आया था। माना जा रहा है कि करंट लगने के बाद आर्यन अपना संतुलन खो बैठे और खुले नाले में जा गिरे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आर्यन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद के रहने वाले थे और नोएडा के सेक्टर-22 में किराये पर रहकर एक निजी कंपनी में इंजीनियर के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने बीटेक की पढ़ाई की थी। परिजनों के अनुसार, उनके पिता का पहले ही कैंसर के कारण निधन हो चुका था और परिवार में आर्यन की शादी की तैयारियां चल रही थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
नोएडा अथॉरिटी और बिजली विभाग पर उठे सवाल
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने नोएडा अथॉरिटी और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई, खुले नालों को ढकने और बिजली के खंभों की जांच के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पर्याप्त इंतजाम नहीं किए गए। लोगों का आरोप है कि यदि खुले नाले को पहले ही ढक दिया गया होता और बिजली व्यवस्था सुरक्षित होती, तो यह हादसा टाला जा सकता था।
हादसे के बाद शुरू हुआ कार्रवाई का काम
घटना के बाद नोएडा अथॉरिटी ने सेक्टर-58 में खुले नालों पर स्लैब लगाने का काम शुरू कर दिया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई पहले होनी चाहिए थी ताकि किसी की जान जोखिम में न पड़ती। पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित विभागों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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