भोपाल में मूंग की 100% सरकारी खरीदी समेत कई मांगों को लेकर किसानों का धरना जारी, कृषि मंत्री से बातचीत बेनतीजा रही।
मध्य प्रदेश में किसानों का आंदोलन जारी है। कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के साथ देर रात हुई बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी, जिसके बाद किसान भोपाल में धरने पर डटे हैं। संयुक्त किसान मोर्चा की अगुवाई में प्रदर्शन कर रहे किसान मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी समेत अपनी सभी मांगों पर फैसला चाहते हैं। आंदोलन के बीच भोपाल में सुरक्षा बढ़ाई गई है और कई स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
कृषि मंत्री से बातचीत के बाद भी नहीं बनी सहमति
किसानों और मध्य प्रदेश सरकार के बीच जारी बातचीत के बावजूद फिलहाल आंदोलन खत्म होने के संकेत नहीं मिले हैं। प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के साथ किसानों की देर रात बातचीत हुई, लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकल सका। इसके बाद किसान रात से धरनास्थल पर बैठे हुए हैं।
प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों को स्वीकार नहीं किया जाता, तब तक वे धरना जारी रखेंगे। सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा रहने के बाद राजधानी भोपाल में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है।
किसानों के आंदोलन के चलते भोपाल के कई स्कूलों में आज अवकाश घोषित किया गया है। मंगलवार को आंदोलन शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह के टकराव की स्थिति सामने नहीं आई।
अलग-अलग जिलों से भोपाल पहुंचे किसान
प्रदेश के विभिन्न जिलों से किसान पैदल मार्च करते हुए राजधानी भोपाल पहुंचे हैं। इसके बाद उन्होंने बरकतुल्लाह यूनिवर्सिटी के सामने नर्मदापुरम रोड पर धरना शुरू कर दिया।
मार्च के दौरान किसानों ने पुलिस की ओर से लगाए गए तीन बैरिकेड पार किए। हालांकि, इस दौरान हिंसा या पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की कोई स्थिति नहीं बनी।
किसानों के आंदोलन का प्रमुख मुद्दा मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी है। इसके अलावा किसान कृषि से जुड़ी अपनी दूसरी लंबित मांगों को लेकर भी सरकार से फैसला चाहते हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि राज्य सरकार की ओर से सभी मांगों पर उचित निर्णय होने तक वे धरनास्थल पर बने रहेंगे।
मूंग खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने के लिए केंद्र को भेजा गया प्रस्ताव
किसानों के आंदोलन के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी का लक्ष्य बढ़ाने की मांग केंद्र सरकार के सामने रखी है। राज्य सरकार की ओर से 14 मई और 3 जुलाई को भारत सरकार को 8.06 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदने का प्रस्ताव भेजा गया था।
हालांकि, मध्य प्रदेश के लिए 4.54 लाख मीट्रिक टन मूंग खरीदी का लक्ष्य ही स्वीकृत किया गया। दस्तावेज के मुताबिक, राज्य सरकार ने केंद्र की ओर से लक्ष्य बढ़ाए जाने पर किसानों की तरफ से धन्यवाद दिया है, लेकिन इसके साथ ही शेष लक्ष्य को भी बढ़ाने का अनुरोध दोहराया है।
20.16 लाख मीट्रिक टन उत्पादन की संभावना
केंद्र सरकार को भेजे गए पत्र के अनुसार, इस वर्ष मध्य प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का रकबा 14.30 लाख हेक्टेयर रहा है। इसकी औसत उत्पादकता 1410 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर रहने का अनुमान है।
इन आंकड़ों के आधार पर प्रदेश में ग्रीष्मकालीन मूंग का कुल उत्पादन करीब 20.16 लाख मीट्रिक टन होने की संभावना जताई गई है। वहीं, सरकारी खरीदी के लिए राज्य में लगभग 8 लाख मीट्रिक टन मूंग उपलब्ध रहने का अनुमान है।
मूंग बेचने के लिए अब तक 3.47 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से करीब 82 हजार किसानों से ही अब तक मूंग खरीदी जा सकी है।
धरनास्थल पर दाल-बाटी बनाते दिखे किसान
भोपाल पहुंचे किसान आंदोलन को जारी रखने की तैयारी के साथ धरनास्थल पर मौजूद हैं। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि किसान वहीं स्वयं दाल-बाटी तैयार करते नजर आए।
किसानों का कहना है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहेगा। साथ ही उन्होंने साफ किया है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन से पीछे हटने का सवाल नहीं है।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) की अगुवाई में चल रहे आंदोलन में मूंग की 100 फीसदी सरकारी खरीदी प्रमुख मांग है। इसके अलावा किसान खरीदी का कोटा बढ़ाने और समर्थन मूल्य पर पूरी उपज की खरीद सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।
खरीदी और भुगतान में देरी समेत कई मुद्दे उठाए
प्रदर्शनकारी किसान मूंग खरीदी के अलावा खरीदी प्रक्रिया और भुगतान में होने वाली देरी को समाप्त करने की मांग भी कर रहे हैं। खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था में सुधार का मुद्दा भी आंदोलन की मांगों में शामिल है।
इसके साथ प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा और कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान की मांग भी उठाई गई है।
किसान नेताओं का कहना है कि सीमित सरकारी खरीदी के कारण बड़ी मात्रा में मूंग समर्थन मूल्य पर नहीं बिक पा रही है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में किसानों को खुले बाजार में कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी पड़ रही है। इसी मुद्दे को लेकर नर्मदापुरम से भोपाल तक पैदल मार्च निकाला गया है।
पुलिस ने कहा- प्रदर्शन शांतिपूर्ण, नहीं हुआ लाठीचार्ज
मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अनिल शर्मा के मुताबिक, किसानों का प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों पर किसी तरह का लाठीचार्ज नहीं किया गया है।
अनिल शर्मा के अनुसार, किसानों और सरकार के बीच बातचीत जारी है और उनकी मांगों पर चर्चा की जा रही है। फिलहाल धरनास्थल पर किसी तरह का तनाव नहीं है।
आंदोलन के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो और जाम की स्थिति पैदा न हो, इसे देखते हुए पुलिस ने रूट डायवर्ट किया है। वहीं, किसान अपनी मांगों पर फैसला होने तक धरना जारी रखने की बात कह रहे हैं।
साभार: मीडिया रिपोर्ट्स


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