नागपुर NEET छात्रा सुसाइड केस में बड़ा खुलासा, केस डायरी में सुसाइड नोट नहीं जोड़ने पर जांच अधिकारी को नोटिस।
महाराष्ट्र के नागपुर में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी के सुसाइड मामले में बड़ा प्रशासनिक एक्शन लिया गया है। पुलिस जांच में लापरवाही सामने आने के बाद अंबाझरी पुलिस स्टेशन के जांच अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। आरोप है कि छात्रा द्वारा लिखा गया कथित सुसाइड नोट केस डायरी में शामिल ही नहीं किया गया था। इस मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।
केस डायरी में नहीं मिला सुसाइड नोट, पुलिस विभाग में मचा हड़कंप
नागपुर पुलिस के मुताबिक, छात्रा के आत्महत्या मामले की जांच कर रहे अधिकारी निखिल तभाने को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीसीपी नित्यानंद झा ने बताया कि थाने की केस डायरी एंट्री में सुसाइड नोट का कोई जिक्र नहीं था, इसलिए उसे केस डायरी के साथ अटैच नहीं किया गया। जब मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा तो पूरी जांच रिपोर्ट मांगी गई और इसके बाद यह चूक सामने आई।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि केस से जुड़े दस्तावेजों में सुसाइड नोट का उल्लेख नहीं मिलने के कारण शुरुआती जांच अधूरी मानी जा रही है। अब पूरे मामले की दोबारा जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर इतनी बड़ी चूक कैसे हुई।
“मम्मी-पापा, दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है…”
मध्यप्रदेश की रहने वाली 18 वर्षीय आकांक्षा चतुर्वेदी नागपुर में रहकर NEET परीक्षा की तैयारी कर रही थी। उसने 3 मई को परीक्षा दी थी और परिवार के अनुसार उसे 650 से अधिक अंक आने की उम्मीद थी। लेकिन बाद में पेपर लीक और दोबारा परीक्षा होने की खबरों के बाद वह मानसिक तनाव में आ गई थी।
20 मई को छात्रा ने अपने कमरे में कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। बाद में परिवार को उसकी किताबों और स्टडी मैटेरियल्स के बीच एक सुसाइड नोट मिला, जिसे पुलिस को सौंप दिया गया।
सुसाइड नोट में छात्रा ने लिखा था कि उसे दोबारा परीक्षा देने का साहस नहीं है। उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि पहली परीक्षा में अच्छे अंक आने की उम्मीद थी, लेकिन दोबारा उसी प्रदर्शन की कोई गारंटी नहीं है। नोट में उसने डॉक्टर बनने का सपना पूरा न कर पाने का दुख भी जताया।
किसान पिता ने बताया, बेटी अच्छे नंबर आने को लेकर थी आश्वस्त
पुलिस पूछताछ में छात्रा के पिता ने बताया कि वह एक छोटे किसान हैं और परिवार चलाने के लिए नागपुर में बावर्ची का काम करते थे। उन्होंने कहा कि परीक्षा देकर लौटने के बाद बेटी काफी खुश थी और उसे भरोसा था कि इस बार उसके 650 से ज्यादा अंक आएंगे।
परिवार के अनुसार, जब NEET पेपर लीक और री-एग्जाम की खबरें सामने आईं तो आकांक्षा का व्यवहार अचानक बदलने लगा। वह काफी तनाव में रहने लगी थी और भविष्य को लेकर परेशान दिखाई दे रही थी।
इस मामले ने राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा बटोरी थी। कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने भी इस घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट किया था। फिलहाल पुलिस ने परिवार के बयान दर्ज कर लिए हैं और मामले की विस्तृत जांच जारी है।


0 टिप्पणियाँ
आपका विचार हमारे लिए महत्वपूर्ण है, कृपया अपनी राय नीचे लिखें।