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अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच तहसीलदार रवि रंजन कश्यप की पहल- गांव-गांव चौपाल लगाकर 50 बेदखली मुकदमों का निस्तारण




मछलीशहर में तहसीलदार रवि रंजन कश्यप की पहल, गांव-गांव चौपाल लगाकर 50 बेदखली मामलों का मौके पर निस्तारण, जनता को बड़ी राहत

इंद्रेश तिवारी की रिपोर्ट 

मछलीशहर,जौनपुर- मछलीशहर तहसील परिसर में चल रही अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच जहां आम जनता के कार्य प्रभावित होने की आशंका थी, वहीं तहसीलदार रवि रंजन कश्यप ने सक्रियता दिखाते हुए “न्याय आपके द्वार” अभियान को गति दे दी है। जनता को राहत देने के उद्देश्य से वे स्वयं गांव-गांव पहुंचकर चौपाल लगा रहे हैं और मौके पर ही राजस्व मामलों का निस्तारण करा रहे हैं।इसी क्रम में मंगलवार को तहसील क्षेत्र के विभिन्न गांवों में विशेष राजस्व चौपाल का आयोजन किया गया,जिसमें धारा 67 के तहत बेदखली से जुड़े कुल 50 मामलों का मौके पर निपटारा किया गया। इनमें बामी गांव में 7,अमारा में 3, जमुहर में 8,रामपुर में 8,थलोई में 10 और निजामुद्दीनपुर में 14 मामलों का समाधान कराया गया।तहसीलदार के नेतृत्व में लेखपालों, राजस्व कर्मियों और शासकीय अधिवक्ताओं की टीम ने गांवों में पहुंचकर अभिलेखों की जांच की, पक्षकारों की बात सुनी और लंबित मामलों को तेजी से निस्तारित किया हड़ताल के बीच प्रशासन की इस पहल से आम लोगों को काफी राहत मिली है।बता दें कि तहसीलदार रवि रंजन कश्यप ने कहा कि किसी भी स्थिति में जनता के कार्य बाधित नहीं होने दिए जाएंगे। शासन की मंशा है कि पात्र लोगों को समय पर न्याय और सुविधा मिले।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सीधे प्रशासन से संपर्क करें और बिचौलियों से बचें। वैध अभिलेख रखने वालों के मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि तहसील प्रशासन अब केवल दफ्तर तक सीमित नहीं रहेगा,बल्कि गांवों में पहुंचकर समस्याओं का समाधान करेगा, जिससे किसानों और आम नागरिकों को अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिल सके।उधर, अधिवक्ताओं की हड़ताल के बीच प्रशासन की इस पहल को ग्रामीणों ने सराहा है।लोगों का कहना है कि पहली बार अधिकारी गांवों में चौपाल लगाकर सीधे मामलों की सुनवाई कर रहे हैं, जिससे समय, धन और परेशानी—तीनों की बचत हो रही है। 

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