नए साल पर शिरडी साईं बाबा मंदिर को 23.29 करोड़ का दान मिला। नकद, सोना-चांदी, विदेशी मुद्रा और हीरा-जड़ा मुकुट शामिल।
नए साल पर शिरडी में उमड़ी आस्था, दान का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
नए साल की शुरुआत के साथ ही महाराष्ट्र के शिरडी में स्थित शिरडी साईं बाबा मंदिर एक बार फिर आस्था, विश्वास और दान की मिसाल बन गया। 1 जनवरी को साईं बाबा के चरणों में भक्तों ने ऐसा चढ़ावा चढ़ाया, जिसने न सिर्फ मंदिर प्रशासन बल्कि पूरे देश को चौंका दिया। महज एक दिन में मंदिर ट्रस्ट को करीब 23.29 करोड़ रुपये का दान प्राप्त हुआ, जिसमें नकद राशि, विदेशी मुद्रा, सोना, चांदी और एक बेहद कीमती सोने-हीरे का मुकुट शामिल है। यह दान नए साल, क्रिसमस की छुट्टियों और साल के अंत में उमड़ी भारी भीड़ का नतीजा बताया जा रहा है।
नकद दान से भरी दान पेटियां, करोड़ों रुपये गिने गए
मंदिर प्रशासन के अनुसार, दान पेटियों से ही 22 करोड़ 2 लाख 61 हजार 006 रुपये की भारी-भरकम नकद राशि प्राप्त हुई। इसके अलावा मंदिर परिसर में बनाए गए दान काउंटरों से 3 करोड़ 22 लाख 43 हजार 388 रुपये जमा हुए। साईं भक्तों की आस्था का आलम यह रहा कि मंदिर की हर व्यवस्था दान से भरती चली गई और पूरे दिन गिनती का सिलसिला चलता रहा। नए साल के पहले दिन श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं अधिक रही, जिसका सीधा असर दान की रकम पर भी दिखाई दिया।
पीआर टोल पास और डिजिटल माध्यमों से भी करोड़ों का योगदान
शिरडी साईं बाबा संस्थान को पीआर टोल पास के जरिए भी 2 करोड़ 42 लाख 60 हजार रुपये प्राप्त हुए। इसके साथ-साथ आधुनिक दौर में भक्तों ने डिजिटल माध्यमों का भी जमकर इस्तेमाल किया। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, ऑनलाइन ट्रांसफर, चेक, डीडी और मनीऑर्डर के माध्यम से 10 करोड़ 18 लाख 86 हजार 955 रुपये मंदिर ट्रस्ट को मिले। यह आंकड़ा साफ करता है कि देश-विदेश में बैठे श्रद्धालु भी साईं बाबा के प्रति अपनी आस्था को डिजिटल दान के जरिए प्रकट कर रहे हैं।
26 देशों से आई विदेशी मुद्रा, साईं बाबा की वैश्विक आस्था
शिरडी साईं बाबा की आस्था अब सिर्फ भारत तक सीमित नहीं रही। नए साल के अवसर पर 26 देशों से विदेशी मुद्रा के रूप में 16 लाख 83 हजार 673 रुपये का दान प्राप्त हुआ। मंदिर प्रशासन के मुताबिक, अमेरिका, यूके, यूएई, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों में बसे साईं भक्तों ने नए साल पर विशेष दान भेजा। यह आंकड़ा बताता है कि साईं बाबा का संदेश और प्रभाव वैश्विक स्तर पर कितना व्यापक है।
सोना-चांदी का भव्य दान, आभूषणों से सजा साईं दरबार
नकद के साथ-साथ भक्तों ने बहुमूल्य आभूषण भी साईं बाबा के चरणों में अर्पित किए। मंदिर को 293.910 ग्राम सोना, जिसकी अनुमानित कीमत 36 लाख 38 हजार 610 रुपये, और 5 किलो 983 ग्राम चांदी, जिसकी कीमत 9 लाख 49 हजार 741 रुपये, दान में प्राप्त हुई। यह आभूषण मंदिर के ट्रेजरी में सुरक्षित रखे गए हैं और धार्मिक परंपराओं के अनुसार उपयोग किए जाएंगे।
80 लाख का सोने-हीरे का मुकुट, नए साल की सबसे बड़ी भेंट
नए साल के पहले दिन साईं बाबा को जो सबसे खास भेंट मिली, वह था एक बेहद आकर्षक सोने-हीरे का मुकुट। इस मुकुट का वजन करीब 655 ग्राम है, जिसमें लगभग 585 ग्राम शुद्ध सोना और करीब 153 कैरेट कीमती हीरे जड़े हुए हैं। मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस मुकुट की अनुमानित कीमत करीब 80 लाख रुपये आंकी गई है। नक्षीकाम से सजे इस मुकुट को साईं बाबा के चरणों में अर्पित किया गया, जिसे भक्तों की विशेष आस्था का प्रतीक माना जा रहा है।
छह लाख से ज्यादा भक्तों ने लिया मुफ्त प्रसाद भोजन
दान के साथ-साथ शिरडी साईं बाबा संस्थान द्वारा संचालित श्री साईं प्रसादालय में भी रिकॉर्ड बनाया गया। इस अवधि के दौरान 6 लाख से अधिक साईं भक्तों ने निशुल्क प्रसाद भोजन का लाभ उठाया। इसके अलावा 1 लाख 9 हजार से ज्यादा भक्तों को फूड पैकेट वितरित किए गए। नए साल पर शिरडी पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए भोजन व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क और सुव्यवस्थित रही।
लड्डू प्रसाद की बिक्री से भी करोड़ों की आय
मंदिर में लड्डू प्रसाद की बिक्री भी नए साल पर चरम पर रही। कुल 7 लाख 67 हजार 444 लड्डू प्रसाद पैकेट बिके, जिससे 2 करोड़ 30 लाख 23 हजार रुपये की आय हुई। वहीं 5 लाख 76 हजार 400 भक्तों ने मुफ्त प्रसाद पैकेट का लाभ उठाया। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि शिरडी में सिर्फ दान ही नहीं, बल्कि व्यवस्थाओं का पैमाना भी बेहद विशाल है।
दान का उपयोग कहां होगा, मंदिर प्रशासन ने दी पूरी जानकारी
शिरडी साईं बाबा संस्थान के मुख्य कार्यकारी अधिकारी गोरक्ष गाडिलकर ने स्पष्ट किया कि नए साल पर प्राप्त यह दान पूरी पारदर्शिता के साथ सामाजिक और धार्मिक कार्यों में उपयोग किया जाएगा। इस राशि का बड़ा हिस्सा श्री साईं बाबा अस्पताल और श्री साईंनाथ अस्पताल के संचालन, गरीब और जरूरतमंद मरीजों के मुफ्त इलाज, प्रसादालय में निःशुल्क भोजन, संस्थान द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों, बाहरी मरीजों की चैरिटी और साईं भक्तों की सुविधाओं के विस्तार में लगाया जा रहा है।
आस्था, सेवा और विश्वास का केंद्र बना शिरडी
शिरडी साईं बाबा मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का बड़ा केंद्र बन चुका है। हर साल यहां करोड़ों रुपये का दान आता है, जिसे शिक्षा, स्वास्थ्य और समाजसेवा में लगाया जाता है। नए साल पर आया यह रिकॉर्डतोड़ दान इस बात का प्रमाण है कि साईं बाबा के प्रति लोगों की आस्था समय के साथ और मजबूत होती जा रही है।
नए साल पर शिरडी में उमड़ा जनसैलाब
क्रिसमस की छुट्टियों और नए साल के जश्न के चलते शिरडी में श्रद्धालुओं की संख्या उम्मीद से कहीं ज्यादा रही। देश के अलग-अलग राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी भक्त शिरडी पहुंचे। कड़ाके की ठंड और लंबी कतारों के बावजूद लोगों की श्रद्धा में कोई कमी नहीं दिखी। मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा, दर्शन और सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए थे।
दान के आंकड़े बने चर्चा का विषय
एक ही दिन में 23.29 करोड़ रुपये का दान मिलना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। यह आंकड़ा न सिर्फ धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिरडी साईं बाबा मंदिर एक बार फिर साबित कर रहा है कि आस्था अगर संगठित हो, तो वह समाज के बड़े हिस्से को लाभ पहुंचा सकती है।
शिरडी साईं बाबा और नए साल की यह शुरुआत
नए साल की यह शुरुआत शिरडी साईं बाबा के भक्तों के लिए बेहद खास मानी जा रही है। इतनी बड़ी राशि का दान न सिर्फ मंदिर की व्यवस्थाओं को मजबूत करेगा, बल्कि लाखों जरूरतमंदों के जीवन में भी बदलाव लाएगा। शिरडी एक बार फिर यह संदेश दे रहा है कि सच्ची आस्था सेवा के रास्ते से होकर गुजरती है, और यही साईं बाबा की सबसे बड़ी सीख भी है।


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