‘बॉयफ्रेंड से शादी कराओ, नहीं तो कूद जाऊंगी…’ प्रयागराज में 175 फीट ऊंचे हाईटेंशन टावर पर चढ़ी युवती, तीन घंटे तक चला हाई-वोल्टेज ड्रामा



प्रयागराज में बॉयफ्रेंड से शादी की जिद में 175 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ी युवती, तीन घंटे बाद पुलिस-पंचायत ने सुलझाया मामला


प्रयागराज में प्यार, जिद और मौत की धमकी का सनसनीखेज मामला

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले से सामने आया यह मामला न सिर्फ इलाके में दहशत फैलाने वाला था, बल्कि सामाजिक सोच, पारिवारिक दबाव और प्रेम संबंधों को लेकर गहरी बहस भी छेड़ गया. मऊआइमा थाना क्षेत्र के बलडीह गांव में गुरुवार दोपहर उस समय हड़कंप मच गया, जब 22 वर्षीय युवती अंजलि 175 फीट ऊंचे हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़ गई. टावर की ऊंचाई और नीचे गुजरती हाई वोल्टेज लाइनें किसी भी पल बड़े हादसे की आशंका पैदा कर रही थीं. गांव वालों की नजर जैसे ही टावर के ऊपर बैठी युवती पर पड़ी, अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई.

बॉयफ्रेंड से शादी की जिद बनी टावर पर चढ़ने की वजह

अंजलि का कहना था कि वह अपने गांव के ही रहने वाले राजकुमार से तीन साल से प्रेम संबंध में है और अब उससे शादी करना चाहती है. राजकुमार की उम्र 27 वर्ष बताई जा रही है, वह बीए पास है और एक निजी नौकरी करता है. अंजलि 12वीं पास है और लंबे समय से शादी को लेकर अपने परिवार और प्रेमी पर दबाव बना रही थी. समस्या तब खड़ी हुई जब राजकुमार का परिवार इस रिश्ते को स्वीकार करने को तैयार नहीं हुआ. परिवार की नाराजगी और सामाजिक दबाव का हवाला देकर राजकुमार लगातार शादी को टालता रहा, जिससे अंजलि मानसिक तनाव में आ गई.

‘शादी नहीं हुई तो जान दे दूंगी’, टावर से दी धमकी

गुरुवार दोपहर गांव के बाहर लगे 175 फीट ऊंचे हाई-टेंशन पावर ट्रांसमिशन टावर पर अंजलि अचानक चढ़ गई. ऊपर पहुंचते ही उसने जोर-जोर से चिल्लाकर ऐलान कर दिया कि अगर उसकी शादी राजकुमार से नहीं कराई गई, तो वह टावर से कूदकर अपनी जान दे देगी. नीचे खड़े लोग सांस रोके यह दृश्य देख रहे थे. हर कोई डरा हुआ था कि कहीं लड़की का पैर फिसल न जाए या बिजली की लाइन की चपेट में न आ जाए. टावर पर बैठी अंजलि बार-बार यही कहती रही कि वह राजकुमार से बहुत प्यार करती है और किसी भी कीमत पर उसी से शादी करेगी.

गांव में मचा हड़कंप, सैकड़ों की संख्या में जुटी भीड़

जैसे ही यह खबर गांव में फैली, लोग घरों से बाहर निकल आए. कुछ ही देर में टावर के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई. महिलाएं रोती-बिलखती दिखीं, तो बुजुर्ग लोग इस पूरे घटनाक्रम को समाज के बदलते हालात से जोड़कर चर्चा करने लगे. कई लोग अंजलि को नीचे उतरने के लिए समझाते रहे, लेकिन वह किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी. उसका कहना साफ था कि जब तक शादी की सहमति नहीं मिलती, वह नीचे नहीं उतरेगी.

परिजन पहुंचे मौके पर, बेटी को मनाने की कोशिश

घटना की सूचना मिलते ही अंजलि के परिजन भी मौके पर पहुंचे. मां-बाप और रिश्तेदारों ने टावर के नीचे खड़े होकर उससे नीचे उतरने की गुहार लगाई. मां रोते हुए बेटी से कहती रही कि जान की कीमत समझो, लेकिन अंजलि की जिद टस से मस नहीं हुई. परिवार वालों का कहना था कि वे इस रिश्ते को लेकर पहले ही असमंजस में थे और समाज में बदनामी के डर से निर्णय नहीं ले पा रहे थे. वहीं अंजलि का कहना था कि उसने राजकुमार के साथ जिंदगी बिताने का फैसला कर लिया है और अब पीछे नहीं हटेगी.

पुलिस को दी गई सूचना, मऊआइमा थाना मौके पर पहुंचा

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए गांव के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी. मऊआइमा थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और हालात को संभालने की कोशिश शुरू की. पुलिस ने सबसे पहले टावर के आसपास की भीड़ को नियंत्रित किया, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो. पुलिसकर्मी लगातार अंजलि से बात करते रहे और उसे शांत रहने की अपील करते रहे. इस दौरान बिजली विभाग को भी सतर्क कर दिया गया, ताकि किसी तरह का तकनीकी खतरा न हो.

राजकुमार के परिवार को बुलाया गया मौके पर

पुलिस ने हालात को देखते हुए राजकुमार और उसके परिवार को भी मौके पर बुलाया. राजकुमार का परिवार शुरुआत में काफी हिचकिचा रहा था, लेकिन युवती की जान को खतरे में देखकर वे भी वहां पहुंचे. टावर के नीचे पंचायत जैसा माहौल बन गया. गांव के सम्मानित लोग, बुजुर्ग और दोनों परिवारों के सदस्य एक साथ बैठकर बातचीत करने लगे. इस पूरी बातचीत के दौरान अंजलि टावर के ऊपर बैठी रही और नीचे हो रही हर चर्चा पर नजर बनाए रही.

पंचायत में चला लंबा मंथन, समाज और परिवार की इज्जत पर चर्चा

करीब एक घंटे तक चली पंचायत में शादी, परिवार की इज्जत, सामाजिक मर्यादा और युवती की जान जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई. गांव के बुजुर्गों ने दोनों परिवारों को समझाया कि जिद और टकराव से किसी का भला नहीं होगा. उन्होंने कहा कि अगर दोनों बालिग हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं, तो शादी में बाधा नहीं डालनी चाहिए. पुलिस भी लगातार यही कोशिश करती रही कि मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझ जाए.

राजकुमार ने दिया शादी का भरोसा

लंबी बातचीत के बाद आखिरकार राजकुमार ने सबके सामने अंजलि से शादी करने का भरोसा दिया. उसके परिवार ने भी पंचायत के दबाव और हालात की गंभीरता को देखते हुए इस रिश्ते के लिए हामी भर दी. जैसे ही यह बात टावर के ऊपर बैठी अंजलि तक पहुंची, उसके चेहरे पर राहत के भाव दिखाई दिए. उसने पुलिस और गांव वालों से कहा कि अगर सभी लोग शादी के लिए तैयार हैं, तो वह नीचे उतरने को तैयार है.

तीन घंटे बाद टावर से नीचे उतरी अंजलि

करीब तीन घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद अंजलि धीरे-धीरे टावर से नीचे उतरी. नीचे उतरते ही परिजनों और गांव वालों ने राहत की सांस ली. पुलिस ने भी मौके पर मौजूद रहकर पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया. किसी तरह की अनहोनी न होने से सभी ने राहत महसूस की. अंजलि को नीचे उतरते देख भीड़ ने तालियां भी बजाईं और लोग एक-दूसरे से कहने लगे कि आज एक बड़ी अनहोनी टल गई.

पुलिस ने दी समझाइश, भविष्य में ऐसा कदम न उठाने की हिदायत

पुलिस ने अंजलि और राजकुमार दोनों को समझाइश दी कि इस तरह जान जोखिम में डालना किसी भी समस्या का समाधान नहीं है. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रेम संबंधों और शादी से जुड़े मामलों में कानून और समाज दोनों के रास्ते खुले हैं, लेकिन आत्मघाती कदम उठाना गलत है. इसके बाद दोनों परिवारों को थाने बुलाकर आगे की कानूनी और सामाजिक प्रक्रिया पर बातचीत की गई.

गांव में दिनभर होती रही घटना की चर्चा

घटना के बाद पूरे बलडीह गांव में दिनभर इसी मामले की चर्चा होती रही. लोग इसे आज के समय में बढ़ते प्रेम संबंधों और पारिवारिक दबाव के टकराव का उदाहरण बताते रहे. कुछ लोगों का कहना था कि अगर शुरुआत में ही परिवार बातचीत कर लेते, तो यह नौबत नहीं आती. वहीं कुछ लोगों ने युवती के इस कदम को भावनात्मक ब्लैकमेलिंग भी बताया, जबकि कई लोगों ने इसे अपने प्यार के लिए आखिरी हद तक जाने की हिम्मत कहा.

सामाजिक दबाव और प्रेम विवाह की हकीकत

यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि आज भी ग्रामीण इलाकों में प्रेम विवाह को लेकर कितनी जटिलताएं हैं. बालिग होने के बावजूद लड़का-लड़की को परिवार और समाज की मंजूरी का इंतजार करना पड़ता है. जब यह मंजूरी नहीं मिलती, तो कई बार हालात इस कदर बिगड़ जाते हैं कि जान तक खतरे में पड़ जाती है. प्रयागराज का यह मामला इसी सामाजिक सच्चाई की एक कड़ी बनकर सामने आया है.

प्रशासन के लिए भी बना चुनौतीपूर्ण हालात

175 फीट ऊंचे हाई-टेंशन टावर पर बैठी युवती को सुरक्षित नीचे उतारना प्रशासन के लिए भी बड़ी चुनौती थी. जरा सी चूक बड़े हादसे में बदल सकती थी. पुलिस, ग्रामीण और पंचायत की सामूहिक समझदारी से यह मामला बिना किसी जानमाल के नुकसान के सुलझ गया. प्रशासन ने इसे राहत की बात बताते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे मामलों में समय रहते संवाद बेहद जरूरी है.



प्रयागराज की इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा कर दिया है कि क्या प्रेम और शादी जैसे निजी फैसलों के लिए युवाओं को आज भी इस हद तक जाना पड़ेगा. तीन घंटे तक टावर पर बैठी एक युवती, नीचे सांस रोके खड़ा पूरा गांव और बीच में पुलिस-पंचायत की मशक्कत, यह सब मिलकर एक ऐसी तस्वीर पेश करते हैं, जो समाज को सोचने पर मजबूर करती है. फिलहाल अंजलि और राजकुमार की शादी पर सहमति बन चुकी है और एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन इस घटना की गूंज लंबे समय तक लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहेगी.

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