सास ने पेट पर मारी लात, जेठ ने की अश्लील हरकत, देवरों ने बेरहमी से पीटा… ग्रेटर नोएडा में 7 माह की गर्भवती पर ससुरालियों ने बरपाया कहर, VIDEO से मचा हड़कंप



ग्रेटर नोएडा में 7 माह की गर्भवती महिला से ससुराल पक्ष की बेरहमी, पेट पर लात, अश्लील हरकत और मारपीट का आरोप, वीडियो वायरल।


ग्रेटर नोएडा से सामने आई इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने समाज, रिश्तों और कानून व्यवस्था तीनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के तुगलपुर गांव में सात महीने की गर्भवती महिला के साथ उसके ही ससुराल पक्ष द्वारा कथित रूप से बर्बरता की गई। पीड़िता का आरोप है कि पारिवारिक संपत्ति विवाद के चलते उसके साथ मारपीट की गई, उसकी सास ने उसके पेट पर लात मारी और जेठ द्वारा अश्लील हरकत की गई। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आ गया है और लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।

सात माह की गर्भवती महिला का दर्दनाक आरोप

पीड़िता ने जो आरोप लगाए हैं, वे किसी को भी झकझोर देने वाले हैं। महिला का कहना है कि वह सात महीने की गर्भवती है और इस हालत में भी उसे ससुराल में लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी। महिला के मुताबिक, घर में लंबे समय से मकान और संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद ने धीरे-धीरे हिंसक रूप ले लिया और एक दिन हालात इतने बिगड़ गए कि उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई।

सास पर पेट में लात मारने का गंभीर आरोप

पीड़िता का आरोप है कि मारपीट के दौरान उसकी सास ने गुस्से में आकर उसके पेट पर लात मारी। महिला का कहना है कि उस समय वह दर्द से तड़प उठी और उसकी हालत बिगड़ने लगी। गर्भवती महिला के पेट पर लात मारना न केवल अमानवीय कृत्य है, बल्कि यह गर्भ में पल रहे अजन्मे बच्चे की जान को भी खतरे में डालने जैसा है। पीड़िता का दावा है कि इस घटना के बाद उसे तेज दर्द और चक्कर आने लगे।

जेठ द्वारा अश्लील हरकत का आरोप

महिला ने अपने जेठ पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि जेठ पहले भी उसके साथ अश्लील हरकत करने की कोशिश करता था। जब उसने इस बात की शिकायत अपनी सास और देवर से की, तो उसे न्याय दिलाने के बजाय उल्टा उसी को दोषी ठहराया गया। पीड़िता का आरोप है कि शिकायत करने के बाद ससुराल पक्ष का रवैया और ज्यादा हिंसक हो गया और उसे चुप कराने के लिए मारपीट की गई।

देवरों और अन्य परिजनों पर भी मारपीट का आरोप

पीड़िता के अनुसार, सिर्फ सास और जेठ ही नहीं, बल्कि देवर और अन्य परिजनों ने भी उसके साथ मारपीट की। महिला का कहना है कि उसे चारों तरफ से घेरकर पीटा गया और वह खुद को बचाने में असहाय महसूस कर रही थी। आरोप है कि इस पूरी घटना के दौरान उसका पति भी वहीं मौजूद था, लेकिन उसने अपनी पत्नी का बचाव नहीं किया और न ही ससुराल पक्ष को रोकने की कोशिश की।

पति पर चुप्पी साधने का आरोप

पीड़िता ने अपने पति पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। महिला का कहना है कि पति ने इस पूरे घटनाक्रम में उसका साथ देने के बजाय चुप्पी साधे रखी। आरोप है कि पति ने न तो उसे बचाया और न ही ससुराल वालों की हिंसा का विरोध किया। महिला का कहना है कि पति का यह रवैया उसके लिए मानसिक रूप से और भी ज्यादा पीड़ादायक रहा।

हालत बिगड़ने पर मायके वालों को बुलाया

मारपीट के बाद जब पीड़िता की तबीयत लगातार बिगड़ने लगी, तो उसने अपने भाई और भाभी को फोन कर बुलाया। महिला का कहना है कि उसका उद्देश्य सिर्फ इतना था कि वह अस्पताल जाकर अपना इलाज करा सके और अपने गर्भ में पल रहे बच्चे की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके। लेकिन ससुराल पक्ष को यह भी मंजूर नहीं हुआ।

घर से निकलते वक्त दोबारा हमला

पीड़िता का आरोप है कि जब वह अपने भाई और भाभी के साथ घर से बाहर निकलने लगी, तभी ससुराल पक्ष के लोगों ने दोबारा हमला कर दिया। इस बार सिर्फ वह ही नहीं, बल्कि उसके भाई और भाभी भी मारपीट का शिकार हो गए। महिला का कहना है कि उसके भाई को भी गंभीर चोटें आईं और भाभी के साथ भी हाथापाई की गई।

गर्भवती भाभी के घायल होने का दावा

महिला ने यह भी दावा किया कि उसकी भाभी भी गर्भवती है और इस हमले में उसे भी चोटें आई हैं। दो गर्भवती महिलाओं के साथ इस तरह की मारपीट ने इस घटना को और भी ज्यादा गंभीर बना दिया है। पीड़िता का कहना है कि इस हमले से न केवल शारीरिक चोटें आईं, बल्कि मानसिक रूप से भी वह पूरी तरह टूट चुकी है।

वायरल वीडियो ने बढ़ाया मामला

पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में मारपीट और हंगामे की झलक दिखाई दे रही है, जिसके बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। वीडियो वायरल होने के बाद लोग ससुराल पक्ष की कड़ी निंदा कर रहे हैं और पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग कर रहे हैं।

पुलिस का बयान और कार्रवाई की स्थिति

इस मामले पर नॉलेज पार्क थाना प्रभारी सर्वेश चंद का बयान भी सामने आया है। थाना प्रभारी के अनुसार, यह मामला पारिवारिक विवाद से जुड़ा है और मकान के बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद के चलते कहासुनी हुई और मारपीट की नौबत आ गई।

शांति भंग की कार्रवाई का दावा

पुलिस का कहना है कि घटना के बाद दोनों पक्षों के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की गई है। प्रथम पक्ष से रवि और रोहित, जबकि द्वितीय पक्ष से परविंदर और पिंटू के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, यह कदम स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया था।

अब तक लिखित शिकायत नहीं

थाना प्रभारी के अनुसार, अब तक किसी भी पक्ष की ओर से थाने में कोई लिखित तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस का कहना है कि यदि पीड़िता या कोई भी पक्ष लिखित शिकायत देता है, तो मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस पर स्वतः संज्ञान लेने का दबाव भी बढ़ता जा रहा है।

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