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रिटायर्ड फौजी की हैवानियत: बहू से कहासुनी के बाद फरसे से ताबड़तोड़ वार, बेहोश होकर गिरी फर्श पर… ससुर खून से लतपथ कपड़ों में पहुंचा थाने, कबूला जुर्म



मेरठ में रिटायर्ड फौजी ने बहू पर फरसे से हमला कर दी हत्या की कोशिश, खून से सने कपड़ों में थाने पहुंचा आरोपी, महिला की हालत गंभीर


मेरठ में सनसनीखेज वारदात: रिटायर्ड फौजी ने बहू पर फरसे से किया हमला, फिर खुद थाने पहुंच कबूला जुर्म

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात ने पूरे इलाके को हिला दिया है। घरेलू विवाद के चलते एक रिटायर्ड फौजी ने अपनी बहू पर फरसे से हमला कर दिया। हमले की क्रूरता ऐसी थी कि महिला खून से लथपथ होकर फर्श पर तड़पती रह गई और आरोपी ससुर खून से सने कपड़ों में थाने पहुंचकर अपना जुर्म कबूल करता रहा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है जबकि घायल बहू की हालत अब भी नाजुक बताई जा रही है। यह मामला नौचंदी थाना क्षेत्र के शास्त्री नगर सेक्टर-13 का है, जहां यह पारिवारिक कलह खूनी रूप ले बैठा।

घरेलू विवाद ने लिया भयावह मोड़

पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आरोपी इकबाल, जो कि भारतीय सेना से रिटायर्ड फौजी है, अपने परिवार के साथ मेरठ के शास्त्री नगर सेक्टर-13 में रहता है। इकबाल के बेटे महताब मलिक की शादी हिना उर्फ राहत से हुई थी। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ महीनों से घर में आपसी तनाव और विवाद का माहौल बना हुआ था। मंगलवार की दोपहर किसी बात को लेकर ससुर इकबाल और बहू हिना के बीच जोरदार कहासुनी हो गई। देखते ही देखते यह झगड़ा इतना बढ़ गया कि इकबाल ने रसोई में रखे फरसे को उठा लिया और बहू पर ताबड़तोड़ वार करने लगा।

पहले वार में ही हिना जमीन पर गिर गई, लेकिन इकबाल का गुस्सा थमा नहीं। उसने लगातार तीन से चार बार फरसे से वार किए, जिससे हिना बुरी तरह घायल होकर अचेत हो गई। हमले के दौरान घर में मौजूद कुछ पड़ोसियों ने चीखें सुनीं और पुलिस को सूचना दी।

खून से सने कपड़ों में थाने पहुंचा ससुर

घटना के बाद रिटायर्ड फौजी इकबाल ने फरसा नीचे रखा और शांत भाव से थाने पहुंच गया। नौचंदी थाने के दरवाजे पर पहुंचते ही उसने ड्यूटी ऑफिसर से कहा – “मैंने अपनी बहू को मार डाला है।” पुलिसकर्मी पहले तो हैरान रह गए, लेकिन जब उन्होंने उसके कपड़ों पर ताजा खून देखा तो तुरंत टीम मौके की ओर रवाना कर दी।

थोड़ी ही देर में पुलिस टीम शास्त्री नगर सेक्टर-13 स्थित घर पहुंची। अंदर का नजारा देखकर सभी सन्न रह गए। फर्श पर चारों ओर खून बिखरा था और हिना अचेत अवस्था में पड़ी थी। पुलिस ने तुरंत महिला को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर बताते हुए उसे मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

पुलिस की तत्परता से बची जान

मेरठ एसपी सिटी आयुष विक्रम ने बताया कि नौचंदी थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महिला पर उसके ससुर ने फरसे से हमला किया है। पुलिस मौके पर पहुंची तो महिला गंभीर हालत में थी। तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया गया। वहीं, आरोपी ससुर इकबाल को थाने में हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। पूछताछ में उसने घरेलू विवाद और आपसी कहासुनी की बात कबूल की है।

आयुष विक्रम ने बताया कि पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया फरसा बरामद कर लिया है और आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है।

पति की गैरमौजूदगी में हुआ हमला

जानकारी के अनुसार जब यह वारदात हुई, उस समय हिना का पति महताब मलिक घर पर नहीं था। वह किसी परिचित की मौत पर शामिल होने गया हुआ था। इसी बीच ससुर इकबाल और बहू हिना के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर तीखी बहस हो गई। पड़ोसियों ने बताया कि दोनों के बीच झगड़े की आवाजें पहले भी कई बार सुनी गई थीं। लेकिन इस बार इकबाल ने हद पार कर दी और फरसे से हमला कर दिया।

एक पड़ोसी ने बताया कि “चीखें इतनी तेज थीं कि हम सब दौड़कर बाहर आए, लेकिन जब तक दरवाजा खुला, बहू जमीन पर खून में लथपथ पड़ी थी।”

गुस्से का तांडव: “जब तक बेहोश नहीं हुई, करता रहा वार”

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से खून से सना फरसा और कुछ कपड़े मिले हैं। पुलिस के अनुसार इकबाल ने कबूल किया कि उसे गुस्सा इतना आ गया था कि उसने तब तक वार किए जब तक उसकी बहू बेहोश नहीं हो गई। मेडिकल टीम ने बताया कि हिना के सिर, गर्दन और कंधे पर गहरे घाव हैं और उसकी हालत गंभीर है।

हिना फिलहाल मेरठ मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती है जहां डॉक्टरों की टीम उसकी जान बचाने की कोशिश में लगी है। डॉक्टरों ने बताया कि लगातार खून बहने से उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है और अगले 48 घंटे उसके लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।

पुलिस की जांच और पारिवारिक पृष्ठभूमि

पुलिस सूत्रों के अनुसार परिवार में लंबे समय से तनाव चल रहा था। हिना और उसके ससुर के बीच गृह-कलह के मामले पहले भी स्थानीय स्तर पर उठे थे लेकिन परिवार ने हर बार मामले को दबा दिया। रिटायर्ड फौजी इकबाल के पड़ोसी बताते हैं कि वह आमतौर पर शांत स्वभाव का था, लेकिन गुस्से में वह नियंत्रण खो देता था।

जांच अधिकारी ने बताया कि इकबाल की रिटायरमेंट के बाद से घर की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इस कारण परिवार में पैसों और जिम्मेदारियों को लेकर अक्सर विवाद होते रहते थे। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे कोई और कारण तो नहीं था।

इलाके में फैली दहशत, लोग बोले- “विश्वास नहीं होता”

वारदात की खबर फैलते ही पूरे मोहल्ले में दहशत फैल गई। लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कुछ महिलाओं ने कहा कि इकबाल जैसे शांत व्यक्ति से ऐसी हरकत की उम्मीद नहीं थी। एक बुजुर्ग पड़ोसी बोले, “वो फौज में रहा है, हमेशा अनुशासन की बात करता था, लेकिन आज उसने जो किया वो इंसानियत को शर्मसार कर गया।”

स्थानीय लोगों ने पुलिस से मांग की है कि महिला को न्याय दिलाया जाए और आरोपी को सख्त सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई और ऐसी गलती न करे।

परिवार में मातम, पति सदमे में

घटना की सूचना मिलते ही हिना का पति महताब मलिक अस्पताल पहुंचा तो पत्नी की हालत देखकर फूट-फूटकर रो पड़ा। पुलिस के अनुसार महताब ने कहा कि उसे यकीन नहीं हो रहा कि उसके पिता ने ऐसा कदम उठाया। फिलहाल वह पुलिस जांच में सहयोग कर रहा है और लगातार पत्नी की हालत पर नजर रखे हुए है।

परिवार के अन्य सदस्य भी घटना के बाद से सदमे में हैं। पुलिस ने घर को सील कर दिया है और फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य इकट्ठा कर लिए हैं।

मेडिकल रिपोर्ट और आगे की कार्रवाई

डॉक्टरों के मुताबिक हिना के शरीर पर कुल सात गहरे घाव हैं, जिनमें से तीन सिर और गर्दन के पास हैं। इनमें से एक वार बेहद गंभीर बताया जा रहा है जो उसकी जान पर भारी पड़ सकता था। पुलिस ने आरोपी इकबाल पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।

एसपी सिटी ने बताया कि अगर महिला की स्थिति में सुधार नहीं होता या किसी अनहोनी की खबर आती है तो मामला हत्या की धारा में परिवर्तित किया जाएगा। पुलिस अब आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक विवाद के इतिहास की भी जांच कर रही है।

अपराध और पारिवारिक कलह का भयावह मेल

यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि जब परिवार के अंदर ही रिश्तों में इतनी कड़वाहट आ जाए कि इंसान अपने ही घर के सदस्य पर हथियार उठा ले, तो समाज में शांति और प्रेम की सीमाएं कहां रह जाती हैं। घरेलू हिंसा और पारिवारिक कलह की घटनाएं उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे मामलों में मनोवैज्ञानिक परामर्श और पारिवारिक मध्यस्थता की भूमिका बेहद जरूरी होती है, ताकि गुस्से और गलतफहमी की आग किसी की जान न ले सके।

मेरठ की यह घटना केवल एक आपराधिक मामला नहीं बल्कि सामाजिक विफलता का भी आईना है। जहां बुजुर्गों के अनुभव के स्थान पर गुस्सा और अहंकार ने जगह ले ली। एक रिटायर्ड फौजी जिसने देश की रक्षा की थी, वही अपने ही घर की सुरक्षा तोड़ बैठा। पुलिस जांच जारी है और समाज एक और रिश्ते की त्रासदी पर सवालों में घिरा है कि आखिर हमारे घरों में संवाद की कमी किस हद तक हमें हिंसा की ओर धकेल रही है।

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